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सपने- सुधीर श्रीवास्तव

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को …


सपने

सपने- सुधीर श्रीवास्तव
सपने देखिये

सपने देखना अच्छी बात है,
पर सपनों को पंख भी दीजिए
उड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए।

सपनों को दायरे में न बाँधिए
खुलकर परवाज करने दीजिये,
सपने भी हकीकत बनते हैं
बस! उन्हें फलने फूलने का
आधार तो दीजिये।

कौन कहता है
सपने सिर्फ सपने होते हैं
हकीकत से मीलों दूर होते हैं,
सपनों को खुली आँँखों से
देखना तो सीखिये।

एक बार सिर्फ़ और सिर्फ़
सपनों को हकीकत में
सच करने का जुनून तो कीजिए।
रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान ही नहीं
देहदान का सपना तो पालिए,
सपने सच हो जायेंगे

मेरी तरह आप भी बस एक बार
तनिक हौसला तो कीजिये,
मरकर भी जीवित रहने का
फैसला भर कीजिये।
विश्वास कीजिए
सपने हकीकत बन जायेंगे,

मरने के बाद भी आप
संसार में जिंदा रह जायेंगे,
सूक्ष्म शरीर से ही सही
नाम ही नाम कमायेंगे
आपके गुण गाये जायेंगे।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


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