Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

सतकर्म ही पूजा है| satkarm-he-pooja

सतकर्म ही पूजा है सोचो समझो इससे बड़ा ना कोई इस जग मे दूजा हैसच करो सतकर्म दुनिया मेंयही तो …


सतकर्म ही पूजा है

सोचो समझो इससे बड़ा
ना कोई इस जग मे दूजा है
सच करो सतकर्म दुनिया में
यही तो इंसा सच्ची पूजा है।।

जिसने दुःखाया दूजों को
हर पल मेरे ऐ मालिक
उसे सज़ा दी मालिक ने
वो सजा पा सूजा है।।

चलो करके देखो सत्कर्म
तुम मानव मेरी मानो
मिले हर राह मे खुशी
तुम्हें कुछ लगे ना सूना है।।

भगवन खुश होते उसी से
जो करे सत्कर्म मानव ।
भगवान को पाना है तो सत्कर्म
सरल राह सिवा ना कोई दूजा है।।

सुनों नज़र अंदाज़ करती थी
वीना भी कभी सबको देखकर
भक्ति में डूब किया सतकर्म
मानव सेवा लगे जैसे पूजा है।।

About author

Veena Advani

वीना आडवाणी तन्वी

नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

परिस्थितियां

June 24, 2022

 परिस्थितियां सुधीर श्रीवास्तव जीवन है तो परिस्थितियों से दो चार होना ही पड़ता है, अनुकूल हो या प्रतिकूल हमें सहना

मजदूरों का मान

June 24, 2022

 मजदूरों का मान सुधीर श्रीवास्तव माना कि हम मजदूर हैं पर मेहनत से जी नहीं चुराते, अपने काम में समर्पित

पैसे का खेल

June 24, 2022

 पैसे का खेल सुधीर श्रीवास्तव समय के साथ पैसा भी अब अपना रंग दिखाने लगा है, पैसे पर भी आधुनिकता

शादियाँ

June 24, 2022

 शादियाँ सुधीर श्रीवास्तव शादियां वास्तव में एक अनुबंध है दो परिवारों, दो दिलों का, जिसमें निभाई जाती हैं परंपराएं, धारणाएं,

माँ – तूम धन्य हो !

June 24, 2022

 माँ – तूम धन्य हो ! मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” माँ … तेरा प्यार – दुलार माँ तेरी ममता माँ ,तूने

मां आज भी याद है

June 24, 2022

 मां आज भी याद है मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” प्यार  -फटकार अम्मी का लाड-प्यार पापा की डाट-फटकार आज भी याद आती

PreviousNext

Leave a Comment