Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

सच्चाई सामने जरूर आएगी-जितेन्द्र ‘कबीर’

सच्चाई सामने जरूर आएगी नुकसान होगा,सोचकर जो तुमनेकदम खींच लिए अपनेसच्चाई की राह सेतो आस्था तुम्हारी सच्चाई परकभी सच्ची न …


सच्चाई सामने जरूर आएगी

सच्चाई सामने जरूर आएगी-जितेन्द्र 'कबीर'

नुकसान होगा,
सोचकर जो तुमने
कदम खींच लिए अपने
सच्चाई की राह से
तो आस्था तुम्हारी सच्चाई पर
कभी सच्ची न कहलाएगी,
कहानियां गढ़ लो जितनी भी
अपनी तरफ से
सच्चाई आज नहीं तो कल
सबके सामने जरूर आएगी।

मुश्किलें होंगी,
सोचकर जो तुमने
उठाई नहीं अन्याय के खिलाफ
अपनी आवाज,
तो आस्था न्याय पर तुम्हारी
कभी सच्ची न कहलाएगी,
बहाने मजबूरियों के गिना लो
जितने भी अपनी तरफ से
सच्चाई आज नहीं तो कल
सबके सामने जरूर आएगी।

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कविता -आधा

September 1, 2022

कविता -आधा जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँमानो लगता है मुझको के खुद को आधा

कविता – उलझ जाता हूँ मैं

September 1, 2022

कविता – उलझ जाता हूँ मैं किसी से बात कहनी होकिसी की बात सुननी होमानवता और मुझमें सेअगर मेरी जात

पर्यावरण संरक्षण

September 1, 2022

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने

अंतिम संदेश।(Last message)

August 31, 2022

अंतिम संदेश। जिंदगी का क्या भरोसा,कब हमारा आखरी पल हो,कभी खुद को तो कभी लोगों को कोसा,पर कौन जाने कि

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)

August 30, 2022

कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता) प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में

एहसास एक लड़की के

August 30, 2022

“एहसास एक लड़की के” दुनिया मेरे लिए ख़ौफ़ की बिहड़ नगरी है,अंधेरों से नहीं मुझे उजालों से डर लगता है,

PreviousNext

Leave a Comment