Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, laghukatha

सकारात्मकता/positivity

सकारात्मकता /Positivity एक कौआ था बहुत ही खुश मिजाज था।जब देखो कांव कांव कर के उड़ता था और अपनी खुशी …


सकारात्मकता /Positivity

सकारात्मकता/positivity

एक कौआ था बहुत ही खुश मिजाज था।जब देखो कांव कांव कर के उड़ता था और अपनी खुशी जाहिर करता था।ज्यादातर वह राजा के महल के आसपास उड़ा करता था।एक दिन राजा कुछ ज्यादा ही परेशान था।कुछ शासकीय समस्या थी जैसे उन्होंने कौए को गाते फुदकते देखा तो गुस्से से पागल हो गया,सिपाहियों को हुक्म दिया कि इस कौए पर पानी डालो,कौआ तो पानी में भीगता भीगता गाता रहा,’ बिन बारिश के नहाने में है बड़ा मजा’ ऐसे गाता फुदकता इधर उधर जाने लगा।राजा को और गुस्सा आया तो सिपाहियों को हुकम किया इसे कीचड़ में फेंक दो।तो बेचारे को कीचड़ में फेंका तो वहां भी गाने लगा,’बिन पैसे दिए फिसलने में बड़ा मजा,भाई बड़ा मजा।’सिपाही ने आके राजा को बताया कि कौआ तो वहां भी गा रहा था।राजा को बहुत गुस्सा आया तो उसे कैदखाने में डाल और बेचारे को कैद में डाल दिया।वहां भी वही नाचना गाना होता रहा तो हार कर राजा ने उसे मुक्त कर दिया और बुलाकर पूछा ,” तुम इतना खुश हर हालत में कैसे रह सकते हो?“ कौए ने मुस्कुराकर जवाब दिया,” राजाजी को प्रणाम हो,देखिए हम किसी भी परिस्थिति में रहें तो उसका विरोध कर के क्या आप उससे बच पाओगे क्या? नहीं हालत तो समय के साथ ही बदलेंगे।अगर आप दुखी हैं तो भी वही परिस्थिति रहने वाली हैं तो उसे हस कर ही गुजारेंगे तो मन पर उसका असर कम हो जायेगा।” राजा उसकी बात सुन बड़ा खुश हुआ और उसे ’आनंदी कौए ’की पदवी दी और अपने सभी मंत्रियों को भी उसके जैसे सोचने की सलाह दी।कौआ तब से राजा के महल में मेहमानों की रहने लगा।

इस कहानिसे सीखना मिलता हैं कि कोई भी परिस्थिति हो उसे हस कर गुजरने से विपरीत परिणामों से बचा जाता हैं।एक सकारात्मकता का उद्भव होता हैं।

About author  

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

लघुकथा–सच्चा प्रेम | saccha prem

April 26, 2023

 लघुकथा–सच्चा प्रेम  राजीव ने न जाने कितनी बार उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा था, पर हर बार नियति ने

बालकथा-दोस्त हों तो ऐसे | dost ho to aise

April 26, 2023

बालकथा-दोस्त हों तो ऐसे धानपुर गांव में प्राइमरी स्कूल तो था, पर हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं था। इसलिए आगे की

लघुकथा:नाराज मित्र | Short Story: Angry Friends

April 19, 2023

लघुकथा:नाराज मित्र राकेश सिन्हा बहुत कम बोलने वालों में थे। अंतर्मुखी स्वभाव के कारण वह लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं

निरंकुश उन्मुक्तता को कैसे थामें

April 10, 2023

निरंकुश उन्मुक्तता को कैसे थामें धर्म और संस्कार की नींव पर खड़ा हिंदुस्तानी समाज एक तहजीब और संस्कारी,शिष्ट गिना जाता

भविष्य अपना क्या हैं? Bhavishya apna kya hai?

April 5, 2023

 भविष्य अपना क्या हैं? हम जो आजकल विज्ञान की अद्भुत शोध का उपयोग कर के जीवन को आसान बनाने की

लघुकथा:मेरा नाम क्या है| laghukatha -mera nam kya hai

April 4, 2023

लघुकथा : मेरा नाम क्या है| laghukatha -mera nam kya hai इक्यान्नवे साल की उम्र में अचानक आई इस व्याधि

Leave a Comment