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संविधान, भारत का परिचय-डॉ. माध्वी बोरसे

 संविधान, भारत का परिचय! भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया, संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया, डॉ. …


 संविधान, भारत का परिचय!

भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया,

संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया,

डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सबसे बड़ा संविधान तैयार किया,

और जिसके हकदार थे हम, वह अधिकार दिया!

लगभग 2 साल 11 महीने और 17 दिन, मैं हुआ संविधान तैयार,

26 नवंबर को कर लिया इसको स्वीकार,

विभिन्न वर्गों के बीच, अंतर को कर दिया बराबर,

कर दिया इसका अंत, समानता को प्रदान कर!

हमारे भारत के संविधान का मुखौटा, 

ना इसमें कोई बड़ा, ना तो कोई छोटा,

पूरे देश के नागरिक है एक समान,

आज भी उसे लागू ना करके, कुछ लोग कर रहे हैं अपमान!

इस संविधान ने रखा है देश को एकजुट,

देश की तरक्की के लिए, है यह सबसे महत्वपूर्ण,

26 जनवरी 1950, मैं यह प्रभाव में आया,

हमारे भारत में, यह गणतंत्र दिवस लाया!

समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता को जोड़ा,

प्रगति की आवश्यकता को हमारे संविधान ने किया पूरा,

पर दुख इस बात का, अभी भी बहुत से लोगों को नहीं है इसकी जानकारी,

और कहते हैं गरीब जनता बेचारी!

चलो जानते हैं क्या है संविधान,

बचाए और करें सभी का सम्मान,

पढ़े और समझे, हमारे सभी अधिकार,

बहुत सारी मुश्किलों के बाद, हुआ यह हमारे लिए स्वीकार!

भीमराव अंबेडकर जी का करें धन्यवाद,

उनकी वजह से हम हैं, असमानता से आजाद,

296 लोगों ने मिलकर लगाई सविधान की जड़े,

इसे पढ़कर और समझकर, हम भी आगे बढ़े!

संविधान सिर्फ एक किताब नहीं,

इसमें सरकार के दायरा तय करने वाली, हर एक बात हे कही,

संविधान का उल्लंघन, करने की किसी को नहीं है आजादी,

वरना वह कहलाएगा, एक अपराधी!

हमारे देश के, हर एक नागरिक को इसके बारे में जानना चाहिए,

इसके हर एक पन्ने को समझ कर, सभी को समझाइए,

चलो आज ही पढ़ते हैं, हमारे संविधान की किताब,

सम्मान, समानता, यह सभी हे हमारे अधिकार ना की एक ख्वाब!

इसमें दिया है, सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक रूप से, हर एक को एक जैसा अवसर,

बंधुत्वता को बढ़ाने के लिए, नहीं छोड़ी कोई कसर,

हमारा देश, नहीं है किसी के अधीन,

समाज के कल्याण के लिए, काम कर रहा है यह हर दिन!

हम सभी को है 18 साल के बाद, अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार,

सभी के वोट का महत्व हे बराबर और स्वीकार,

एक मजबूत राष्ट्र, हम सब मिलकर बनाते हैं,

इंसानियत, संविधान, शिक्षा के बारे में, सभी पढ़ते और पढ़ाते हैं!

हर नागरिक को बुनियादी हक देने वाला संविधान,

सभी को मिलता है, इसमें अवसर एक समान,

किसी की मानहानि किए बिना, हर व्यक्ति अपनी बात रख सकता है,

बहुत सी बातें, हमारा भारतीय संविधान कहता है!

तोड़ दी परंपराएं, करें सारे बदलाव,

हमारे संविधान ने, मिटा दिए बहुत से घाव,

हमारे राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को इसमें दर्जा मिल गया,

दुनिया का सबसे बड़ा संविधान, भारत का संविधान बन गया!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)!


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