Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

संविधान दिवस विशेष- सुधीर श्रीवास्तव

 व्यंग्य संविधान दिवस आइए ! मौका भी है दस्तूर भी हैहमारे मन भरा फितूर जो है,आज भी हमसंविधान संविधान खेलते …


 व्यंग्य संविधान दिवस

संविधान दिवस विशेष- सुधीर श्रीवास्तव

आइए !
मौका भी है दस्तूर भी है
हमारे मन भरा फितूर जो है,
आज भी हम
संविधान संविधान खेलते हैं,

जब रोज ही हम
पूरी ईमानदारी से खेलते हैंं,
तब आज भला खेलने से क्यों बचते हैं?

चलिए तो सही
आज संविधान दिवस की भी
तनिक औपचारिकता निभाते हैं,
आखिर साल के बाकी दिन हम
संविधान का माखौल ही उड़ाते हैं।

हमें भला संविधान से क्या मतलब
हम तो रोज ही कानून का
मजाक उड़ाते हैं।
कभी धर्म के नाम पर
तो कभी अधिकारों के नाम
तो कभी बोलने की आजादी के नाम पर
अनगिनत बहाने हम ढूंढ ही लेते
संविधान का उपहास उड़ाने के।

संविधान की रक्षा
पालन की कसमें खाते हैं,
पर संविधान में लिखे कानून को
हम कितना मानते हैं?
हिंसा, तोड़फोड़, घर, दुकान
सरकारी संपत्तियों का तोड़फोड़
भड़काऊ भाषण, आपसी विभेद
जातीय टकराव, हिंसा
अलगाववादी विचारधारा
समाज, राष्ट्र में विघटन का षडयंत्र
भ्रष्टाचार, लूटखसोट
सरकारी धन का दुरुपयोग, बंदरबांट
निहित स्वार्थ पूर्ति के लिए
क्या कुछ नहीं होता है?
पर हमें कुछ नहीं दिखता है,
जैसे संविधान और कानून
महज बकवास है,
तभी तो आजादी का अधिकार
अभी तक हमारे पास है।

हमको लगता है
हम संविधान से ऊपर हैं
कानून हमारी मुट्ठी में है,
संविधान में जो लिखा है
हम उससे बहुत ऊपर हैं।
माना कि संविधान की रक्षा
और कानून का पालन
हमारी जिम्मेदारी है,
मगर हम करें भी तो क्या करें?
थोड़ा थोड़ा इनसे खेलने की
हमें बड़ी बीमारी है।

●सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

शक्ति का झूठा दंभ

June 24, 2022

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या

यह कैसा समाज?

June 24, 2022

 यह कैसा समाज? जितेन्द्र ‘कबीर’ हत्यारों से.. पशुओं को बचाने की खातिर रक्षक दल हमने लिए बनाए, मगर अफसोस दरिंदों

कैसे एतबार करें किसी का

June 24, 2022

 कैसे एतबार करें किसी का जितेन्द्र ‘कबीर’ हर इंसान खुद को सच्चा बताता है यहां, एतबार कर लें  कैसे हम

सवाल और जवाब

June 24, 2022

 सवाल और जवाब जितेन्द्र ‘कबीर’ सवाल! बिगड़ती कानून व्यवस्था का हो या फिर उन्मादी भीड़ हिंसा का, विवादास्पद कानूनों का

कौन है अच्छा इंसान?

June 24, 2022

 कौन है अच्छा इंसान? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक अच्छा इंसान नहीं टालता किसी का कहना, मान लेता है सबकी बात बिना

जो कम लोग देख पाते हैं

June 24, 2022

 जो कम लोग देख पाते हैं जितेन्द्र ‘कबीर’ आग लगाई गई… ज्यादातर लोगों ने उसमे जलती देखी गाड़ियां, भवन और

PreviousNext

Leave a Comment