Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, relationship, sneha Singh

संबंध में धोखा खाने के बाद फिर देना चाहती हैं चांस, इस तरह करें शुरुआत

संबंध में धोखा खाने के बाद फिर देना चाहती हैं चांस, इस तरह करें शुरुआत रिलेशनशिप में एक-दूसरे का विश्वास …


संबंध में धोखा खाने के बाद फिर देना चाहती हैं चांस, इस तरह करें शुरुआत

संबंध में धोखा खाने के बाद फिर देना चाहती हैं चांस, इस तरह करें शुरुआत
रिलेशनशिप में एक-दूसरे का विश्वास कायम रखना जरूरी है। परंतु अनेक बार पार्टनर के साथ लोयल रहने के बाद भी धोखा मिलता है। इसी के साथ हर्ट होने बाद भी कुछ लोग रिलेशनशिप में फिर से मौका देने की इच्छा रखती हैं। अगर आप को भी संबंध में धोखा मिला है और आप फिर से पार्टनर पर विश्वास करने की इच्छा रखती हैं तो यहां दी गई टिप्स आप की मदद कर सकती हैं। संबंध में धोखा मिलने के बाद नई शुरुआत करना मुश्किल होता है। ऐसे में ज्यादातर लोग पार्टनर पर फिर से भरोसा करने में हिचकती हैं। पर अगर आप अपने पार्टनर को दोबारा चांस देना चाहती हैं तो आप मूव आन कर सकती हैं। ऐसे में पार्टनर पर विश्वास करने का तरीका सोचें।

इस तरह संबंधों को दे चांस

पार्टनर के साथ बात करें

संबंधों के मतभेद, मनभेद और गुस्से को बातचीत से हल किया जा सकता है। संबंध में धोखा मिलने के बाद खास कर महिलाएं पार्टनर के साथ रहना स्वीकार कर लेती हैं। पार्टनर से बात करना बंद कर देती हैं। ऐसे में संबंध को अच्छा बनाने की बात पर बात नहीं करतीं। बात कर के संबंध की कमियों को जानने की कोशिश करें। इससे न केवल पार्टनर की आंख में सच्चाई देखने को मिलेगी, साथ ही उन कमियों को दूर कर के संबंध को मजबूत बनाया जा सकेगा।

ताने मारना टालें

अनेक बार पार्टनर से धोखा मिलने के बाद लोग संबंध को अन्य मौका तो देते हैं, पर पार्टनर से जब भी अनबन होती है, उसे ताना मारती हैं। इससे संबंध और अधिक बिगड़ सकते हैं। इसलिए दूसरा चांस देने का निर्णय करने के बाद धोखा देने का उल्लेख न करें तो अच्छा रहेगा।

नई तरह से करें शुरुआत

धोखा मिलने के बाद लोगों को रिकवर होने में समय लगता है। संबंध को अन्य मौका देने के लिए जिंदगी की नई शुरुआत करना भी जरूरी बनता है। इसलिए जल्दी पार्टनर की गलती को सुधार कर जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि अपने भूतकाल को भविष्य पर हावी न होने दें।

About author

Sneha Singh
स्नेहा सिंह

जेड-436ए, सेक्टर-12
नोएडा-201301 (उ.प्र.)


Related Posts

 ऐसे थे जननायक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर

 ऐसे थे जननायक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर

July 7, 2025

“चाह गई चिंता मिटी मनुआ बेपरवाह जाको कछु ना चाहिए वो शाहन के शाह” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रद्धेय द्वारिका

साहित्य, टेक्नोलाॅजी और हम

साहित्य, टेक्नोलाॅजी और हम

June 10, 2025

साहित्य की रचना में टेक्नोलाॅजी की बात अब जरा भी नई नहीं है। भविष्य में अनेक मोर्चे पर टेक्नोलाॅजी और

सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी

सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी

May 26, 2024

सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी अगर आप विजेता बनना चाहते हैं, तो विजेताओं के साथ रहें। अगर आप

विचारों की भी होती है मौत

विचारों की भी होती है मौत

May 26, 2024

प्रत्येक दिन दिमाग में 6,000 विचार आते हैं, इनमें 80% नकारात्मक होते हैं। इन नकारात्मक विचारों से दूर रहने के

स्पष्ट लक्ष्य, सफलता की राह

स्पष्ट लक्ष्य, सफलता की राह

May 26, 2024

स्पष्ट लक्ष्य, सफलता की राह तीरंदाज एक बार में एक ही लक्ष्य पर निशाना साधता है। गोली चलाने वाला एक

जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, | jo log lakshya nhi banate

जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, | jo log lakshya nhi banate

May 26, 2024

 जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं। यदि आप अपनी योजना

Leave a Comment