Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

संपूर्ण निष्ठा!

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी …


 संपूर्ण निष्ठा!

डॉ. माध्वी बोरसे!

बुरा वक्त दर्द दे जाता है,

अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है,

दोनों का एहसास भी जरूरी है दोस्तों,

यही हमें जीवन में मजबूत बनाता है!

डर ना जाना कांटों को देखकर राहों में,

सिमट ना जाना कमजोरी के बाहों में,

खूबसूरत फूलों में कांटे तो होते ही हैं,

हम सब हैं परम शक्ति की पनाहों में!

जीवन का हर पल सपने की तरह बहा जा रहा,

देखे हमारा हर वक्त कहां जा रहा,

मुस्कुराइए या टूट जाए यह दो रास्ते हैं,

जीवन से हाथ मिला कर इसके साथ चले यह जहां जा रहा!

इस प्रकृति के हर चीज का एहसास करें,

हो जाते हैं बंदिशों से परे,

आजादी और खुशियों के साथ जिंदगी को जीते हैं,

पर साथ में इंसानियत के कार्य जरूर करें!!

विकासवादी लेखिका,

डॉ. माध्वी बोरसे!

(स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

बजट-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

बजट! अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की वित्तीय योजना,इसके जरिए यह है सरकार को सोचना,अपने राज्य की तुलना में,सरकार

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

माता-पिता मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिताआपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,आप दोनों ही, मेरी बंदगी है! आप ही मेरे माता-पिता हो, हर

अमीर और गरीब की परिभाषा!

February 3, 2022

अमीर और गरीब की परिभाषा! जिंदगी में कोई किसी चीज से अमीर होता है तो कोई किसी चीज से गरीब!

एक बात सुनो -चन्दानीता रावत

February 3, 2022

एक बात सुनो  सुनो सुनो एक बात सुनो अन्धेर नगरी चौपट राजा की बहरे राज्य सरकार कीदिन रात एक कर

यादों का सिलसिला- डॉ इंदु कुमारी

February 3, 2022

यादों का सिलसिला तेरी हसीन यादों का सिलसिला अमिट है धूमिल नहीं होने वाली प्रेम पौधे उगाने वालीदमकती चेहरे की

नी बखत री बात-मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ “

February 3, 2022

नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत

Leave a Comment