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Chanda_rawat, poem

शोषण- चन्दानीता रावत

शोषण जागो मानव के मन, जागोशोषण के विरूद्ध चुपी तोडो़समाज के काले विचारों सेरिश्ता तोडो़, दो जवाब मुड़ कर इनरुढ़िवादी …


शोषण

शोषण- चन्दानीता रावत

जागो मानव के मन, जागो
शोषण के विरूद्ध चुपी तोडो़
समाज के काले विचारों से
रिश्ता तोडो़,

दो जवाब मुड़ कर इन
रुढ़िवादी विचार धाराओ को
नही रुकना ,नही सहना,न मनोबल से हारना

शोषण के विरुद्ध  आवाज उठाना
मन के तनाव के विरुद्ध
सामंजस्य को तोडो़

मन के मतभेद से उठ कर
जवाब देना
शोषण के विरुध्द चुपी तोड़ना

चन्दानीता रावत
औरंगाबाद वाराणसी ।


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