शैलपुत्री
पर्वतराज हिमालय के,
घर बेटी एक आई।
बाएं हाथ में कमल लाई।
इसलिए वृषारूढ़ा कहलाई।
शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के, घर बेटी एक आई। दाएं हाथ में त्रिशूल,बाएं हाथ में कमल लाई। वृषभ है वाहन इसका,इसलिए …
April 25, 2022
कविता -मेरा जीवन सुखी था मेरा जीवन सुखी था जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता
April 25, 2022
कविता-विज्ञान में हम को आधुनिक बनाया यह विज्ञान है जिसने हमको आधुनिक बनाया आसान हुआ हर काम हमको इस लायक
April 25, 2022
कविता -मां का वात्सल्य प्रेमामई ममता मां वात्सल्य प्रेमामई ममता मिलती हैं सभको कोई अच्छूता नहीं कद्र करने की बात
April 25, 2022
कविताहां फ़िर भी मुझ पर शक करो मैंने किसी की बुराई, चुगली, चोरी की नहींहां फिर भी मुझ पर शक
April 25, 2022
कविता-बावीस भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम नीति आयोग ने देश में नवोन्मेष उद्यमियों को बढ़ावा देने के स्थानीय भाषाओं में नवाचार
April 25, 2022
महाबली हनुमंत जय जय श्री हनुमंत वीरमां अंजनी के हो तुम जायेअति पराक्रमी बचपन थे तुम्हारेबना दिया सूर्य को खिलौनाराम