शैलपुत्री
पर्वतराज हिमालय के,
घर बेटी एक आई।
बाएं हाथ में कमल लाई।
इसलिए वृषारूढ़ा कहलाई।
शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के, घर बेटी एक आई। दाएं हाथ में त्रिशूल,बाएं हाथ में कमल लाई। वृषभ है वाहन इसका,इसलिए …
May 14, 2022
माँ सुना देवताओं के बारे में अक्सरमगर देव कोई कभी भी न आया लगी ठोकरें जब ज़माने की मुझको हर
May 14, 2022
विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष कविता प्रथम गुरु है माता पिता जिस परिवार में माता-पिता हंसते हैं
May 14, 2022
टूट रहे परिवार ! बदल गए परिवार के, अब तो सौरभ भाव ! रिश्ते-नातों में नहीं, पहले जैसे चाव !!
May 11, 2022
कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र आजकल कृत्रिम बुद्धिमता की लहर छाई है
May 10, 2022
उम्मीद उदास रातों में उम्मीद की शमां जलाओ यारो सन्नाटे की दीवारों पर खुशियां सजाओ यारो फिर ये ख़ामोशी भी
May 10, 2022
घमासान क्यों हो रहीं हैं घुटन क्यों डर रहा हैं मन कहीं तो हो रहा हैं इंसानियत पर जुल्म घुट