शैलपुत्री
पर्वतराज हिमालय के,
घर बेटी एक आई।
बाएं हाथ में कमल लाई।
इसलिए वृषारूढ़ा कहलाई।
शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के, घर बेटी एक आई। दाएं हाथ में त्रिशूल,बाएं हाथ में कमल लाई। वृषभ है वाहन इसका,इसलिए …
December 10, 2022
अवैध रिश्ते रिश्तों के दरमियानकुछ दगाबाज पलते जो अपनों को ही अंधेरे में रख हर वक्त छलते।। अवैध रिश्ते कहां
December 10, 2022
कमज़ोर तू मां मेरा बेटा बोला मां कमज़ोर मां तू कहलाईअपने हक पर तू हक ना जताईतेरे लिखे शब्द में
December 10, 2022
यह कविता भ्रष्टाचार पर व्यंग्यात्मक कुटिल कटाक्ष है।जिसका परिणाम बच्चों बीवी मां सहित परिवार की बीमारी से निकलता है।जिसका संज्ञान
December 10, 2022
यह व्यंग्यात्मक कविता शासकीय ऑफिस में कर्मचारी ड्यूटी पर होकर भी राउंड के बहाने कैसे घूमते फिरते, बाहरगांव जाते, ऑफिस
December 10, 2022
यह व्यंग्यात्मक कविता भ्रष्टाचार में सस्पेंड होने के बाद फ़िर हरे गुलाबी के दम पर वापिस पदासीन होने और मिलीभगत
December 10, 2022
यह व्यंग्यात्मक कविता हर शासकीय कार्यालय में लटकाने, भटकाने और माल चटकाने की प्रथा पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष पर आधारित है