Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Sonal Manju

शैलपुत्री

शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के, घर बेटी एक आई। दाएं हाथ में त्रिशूल,बाएं हाथ में कमल लाई। वृषभ है वाहन इसका,इसलिए …


शैलपुत्री

शैलपुत्री

पर्वतराज हिमालय के,
घर बेटी एक आई।

दाएं हाथ में त्रिशूल,
बाएं हाथ में कमल लाई।
वृषभ है वाहन इसका,
इसलिए वृषारूढ़ा कहलाई।
प्रथम नवरात्रि पर जगत ने,
शैलपुत्री की ज्योत जलाई।।

About author 

Sonal manju

सोनल मंजू श्री ओमर
राजकोट, गुजरात – 360007


Related Posts

मन से कभी न हारना | man se kabhi na harna

मन से कभी न हारना | man se kabhi na harna

May 26, 2024

मन से कभी न हारना मन के हारे हार है और मन के जीते जीत मन से कभी नहीं हारना,सुन

मीठे वचन | meethe vachan

मीठे वचन | meethe vachan

May 26, 2024

मीठे वचन मीठे वचन सभी को प्यारे मीठे वचन सदा ही बोलो। मीठे वचन हैं बहुत सुहाते, कानों में मिश्री

पापा की परछाई | Papa ki parchhayi

पापा की परछाई | Papa ki parchhayi

May 26, 2024

पापा की परछाई पापा ये कभी कह नहीं पाते, कितना प्यार है लाडले बेटे से। देखें हर दम अपनी परछाईं

पुस्तक समीक्षा – कपास (कहानी संग्रह) | Book review – Kapas

पुस्तक समीक्षा – कपास (कहानी संग्रह) | Book review – Kapas

May 26, 2024

 पुस्तक समीक्षा – कपास (कहानी संग्रह) लेखक - डॉ. कुबेर दत्त कौशिक प्रकाशक - शॉपिज़ेन डॉट इन समीक्षक - सोनल

परीक्षा का परिणाम | pariksha ka parinam

March 31, 2024

परीक्षा का परिणाम परीक्षा कक्ष में होता देखो,कितना अजीब नज़ारा है,प्रश्न पत्र के इंतजार में बैठे थेबच्चे, कैसे -कैसे भाव

सफलता सांझी है | safalta saanjhi hai

March 28, 2024

सफलता सांझी है मत भूल सफलता सांझी है,कुछ तेरी है, कुछ मेरी है ।मां -बाप और बच्चे सांझे है,कुछ रिश्ते

Leave a Comment