शैलपुत्री
पर्वतराज हिमालय के,
घर बेटी एक आई।
बाएं हाथ में कमल लाई।
इसलिए वृषारूढ़ा कहलाई।
शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के, घर बेटी एक आई। दाएं हाथ में त्रिशूल,बाएं हाथ में कमल लाई। वृषभ है वाहन इसका,इसलिए …
September 25, 2021
बेटियाँ जग की लाडली जग की आधी आबादी कहलाती है बेटियाँ हर घर की रौनक है घरों को सजाती
September 25, 2021
हुंकार रसवंती के प्रणेता पैनी दृष्टि पहुँची पहले ऐसे थे रवि कालजयी रचनाएं धूमिल न होगी चमके चाँद सितारे मलिन
September 24, 2021
*माँ लौट आ वापस ……* आता है माँ का ख्याल, मन झकझोर जाता है, माँ लौट आ वापस, तेरा बेटा
September 24, 2021
तेरी जुदाई जब कोई अपना हो जाता हमसे जुदा रह जाता सिर्फ तस्वीरों में ,और यादें रहती सदा हर क्षण
September 24, 2021
*हाँ, मैं बदल रहा हूँ …* जी भर के जीना सीख रहा हूँ, आईने में खुद को ढूंढ रहा हूँ।
September 23, 2021
देखा है मैंने देखा है मैंने घरों में,कैद होती आवाजें, गुम होती खुशियाँ,उदास होते चेहरे। पीले पड़ते होंठ, दम