Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

शेखियां बघारने का मौसम- जितेन्द्र ‘कबीर’

शेखियां बघारने का मौसम चुनाव आ गये हैं और अब… देश को तरक्की की राह परले जाएगा कोई,तो कोई यहां …


शेखियां बघारने का मौसम

शेखियां बघारने का मौसम- जितेन्द्र 'कबीर'
चुनाव आ गये हैं और अब…

देश को तरक्की की राह पर
ले जाएगा कोई,
तो कोई यहां से भ्रष्टाचार मिटाएगा,

मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी, मुफ्त राशन,
मुफ्त गैस दिलाएगा कोई,
तो कोई यहां से गरीबी, भुखमरी हटाएगा,

अपराध मुक्त समाज का सपना
दिखाएगा कोई,
तो कोई अपराधी को ही निर्दोष ठहराएगा,

देश के प्राचीन गौरव को
वापस लौटाएगा कोई,
तो कोई धर्म विशेष का झंडा लहराएगा,

किसी जाति को आरक्षण का लाभ
दिलाएगा कोई
तो कोई सामाजिक समरसता के गीत गाएगा,

देश के दुश्मनों को सबक
सिखाएगा कोई,
तो कोई लोगों में ही फूट डलवाएगा,

वोटों के इस व्यापार में
सुहाने सपनों से अपनी दुकान सजाएगा कोई,
तो कोई हर बार की तरह
इस बार भी ठगा ही जाएगा।

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील 
जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कैसे कोई गीत सुनाये-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

कैसे कोई गीत सुनाये कितने साथी छूट गएसब रिश्ते नाते टूट गएपल-पल मरती आशाएंजब अपने ही लगें परायेकैसे कोई गीत

प्रणय जीवन- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

प्रणय जीवन प्रेम जीवन में प्रवाहित,प्रेम से जीवन जुड़ा है,प्रेम का परिणाम हम हैं,प्रेम को जीवन समर्पित ।। जिंदगी पर्याय

जीने का अनुराग नहीं – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

जीने का अनुराग नहीं प्यासी है नदियां प्यासा है सावन,बर्षा की बेला प्यासा है चातक ,प्यासी है धरती प्यासा है

राधा की पीड़ा- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

राधा की पीड़ा चल केशव बरसाना जाना,रूठ गयी जहां राधा रानी ,वृंदावन को भूल गयी है ,अपनों से भी रूठ

देर लगेगी- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 6, 2022

देर लगेगी बदल गया जमाना है…. जरा देर लगेगीन कोई ठौर ठिकाना है…..जरा देर लगेगीतुम होते जो कुत्ते! तो लेते

बताओ न कैसे रहते हो ?–सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 6, 2022

सड़क किनारे रहने वाले ग़रीब बेघरों को समर्पित रचना-बताओ न कैसे रहते हो मौसम ठंडा सूरज मद्धमऊपर से बदन पर

Leave a Comment