Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

शुक्रिया- नाचीज बीकानेरी

शुक्रिया शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया । तूने जो हमें इंसान बनाया ।। तेरी तारीफ कैसे करूँ । अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।। …


शुक्रिया

शुक्रिया- नाचीज  बीकानेरी

शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया ।
तूने जो हमें इंसान बनाया ।।
तेरी तारीफ कैसे करूँ ।
अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।।
इज्ज़त-रिज़्क देने वाला तू है ।
जिंदगी-मौत का मालिक तू है ।।
तेरी रहमतों का तलबगार मैं हूँ ।
तेरे दरबार से सब कुछ पाता हूँ ।।
मुझको क्या- क्या न अत्ता किया तूने ।
शुक्र-गुजार हूँ तेरा सब कुछ दिया तूने।।
ए-अल्लाह हर ग़ज़ब-अजाब से बचाना ।
सीधी राह चलाना हमें बुराइयों से बचाना।।
ए-अल्लाह जीने का सलीका अत्ता कर ।
नेक राह चलें हमें हक-परस्ती अत्ता कर ।।
ए-अल्लाह मख़लूक़ को अज़ाब से बचा ।
गुनाहों से तौबा करते हैं तूअज़ाब से बचा।
मुझे यकीं हैं हमारी फरियाद सुनेंगे आका ।
इस अज़ाब से सबक जरूर लेंगे आका।।

नाचीज बीकानेरी


Related Posts

राजनीति होनी चाहिए- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

 राजनीति होनी चाहिए राजनीति होनी चाहिए लोगों के बीच आपसी भाईचारा,प्रेम एवं सौहार्द बढ़ाने के लिए,मगर अफसोसराजनीति होती हैउनके बीच

झंडा दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 10, 2021

झंडा दिवस आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस है सात दिसंबर उन्नीस सौ उनचास कोये मनाया गया था पहली बारतब से

गीत हमारे- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 10, 2021

गीत हमारे कुछ गीत ऐसे दर्द भरे,गाकर सुना सकता नहीं, पहले मेरे अश्क बहते,दर्द छुपा पाता नहीं ।। दृश्य ऐसे

आधे अधूरे अरमान- जयश्री बिरमी

December 10, 2021

आधे अधूरे अरमान अरमानों की चाह में दौड़ी हुं बहुत इश्क की भी तो थी चाहत गहरी चाहतों में घीरी

रघुवीर सहाय पर कविता- सुधीर श्रीवास्तव

December 10, 2021

 जन्मदिन विशेषरघुवीर सहाय नौ दिसंबर उन्नीस सौ उनतीस लखनऊ में जन्में थे रघुवीर सहाय, उन्नीस सौ इक्यावन में लखनऊ विश्वविद्यालय से

शान_ए–वतन- जयश्री बिरमी

December 9, 2021

सादर समर्पित उन्हे जो चले गए शान_ए–वतन ऐसा नहीं कि तुम लौट कर ना आओ तुम बिन तो हमारी सीमाएं

Leave a Comment