Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

शीत लहर – डॉ. इन्दु कुमारी

शीत लहर है बड़ी शबाब परहाड़ कंपाने वालीअमीरों की कुछ नहै बिगाड़ने वालीगरीबों की झोपड़ीमें सनसनी फैलानेधाक जमाने वालीआहत करने …


शीत लहर

शीत लहर - डॉ. इन्दु कुमारी
है बड़ी शबाब पर
हाड़ कंपाने वाली
अमीरों की कुछ न
है बिगाड़ने वाली
गरीबों की झोपड़ी
में सनसनी फैलाने
धाक जमाने वाली
आहत करने आती
मर्माहत करने वाली
डर को डराने वाली
शायद सुकून इन्हें भी
मिलती सताने में और
रौब दिखाने में क्योंकी
मजबूत व्यवस्था नहीं
इन गरीबन के पास में
मगर फौलादी तन ही
काफी है टकराने के लिए
पछुआ हवा सनसनाती
इठलाती चक्कर काट रही
तमाशबीन बनाने के लिए।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट

राष्ट्र की बेटी – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 राष्ट्र की बेटी इन्दु सी जगमग करती ह्रदय को शीतल करती प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की नारी शक्ति  कहलाती नाम की

Antardwand by Dr. indu kumari

November 7, 2021

 अन्तर्द्वन्द अजीब पहेली से है सुलझ नहीं पा रही नफरत और प्रेम की गुथ्थियाों का ये मंजर असमंजस की स्थिति

Tajmahal by mainuddin kohri

November 7, 2021

 ताजमहल                  हिन्द की आन-शान है ताजमहल  । सारे  जहाँ  की जान है

Ravan ko har bar aana hai by komal Mishra

November 7, 2021

रावण को हर बार आना है रावण लौट आया है,  मन बड़ा घबराया है।  छोटी को कहा था,  बाहर मत

Rotiya by vijay Lakshmi Pandey

November 7, 2021

 रोटियाँ…!!! हमनें    पूरे   जीवन    में  कुल  दस  रोटियाँ  बनाईं पहली माँ के लोइयों को थपथपाई खुशियाँ   मनाई   नाची

Leave a Comment