Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

शीत लहर – डॉ. इन्दु कुमारी

शीत लहर है बड़ी शबाब परहाड़ कंपाने वालीअमीरों की कुछ नहै बिगाड़ने वालीगरीबों की झोपड़ीमें सनसनी फैलानेधाक जमाने वालीआहत करने …


शीत लहर

शीत लहर - डॉ. इन्दु कुमारी
है बड़ी शबाब पर
हाड़ कंपाने वाली
अमीरों की कुछ न
है बिगाड़ने वाली
गरीबों की झोपड़ी
में सनसनी फैलाने
धाक जमाने वाली
आहत करने आती
मर्माहत करने वाली
डर को डराने वाली
शायद सुकून इन्हें भी
मिलती सताने में और
रौब दिखाने में क्योंकी
मजबूत व्यवस्था नहीं
इन गरीबन के पास में
मगर फौलादी तन ही
काफी है टकराने के लिए
पछुआ हवा सनसनाती
इठलाती चक्कर काट रही
तमाशबीन बनाने के लिए।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

अजीज मेरे- डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

अजीज मेरे अलविदा ना कहना मुझेदिसम्बर की तरह मुझेआती है जनवरी आयेखुशियाँ भी ढेरों लाएं महकती रहे बगिया तेरीचहकती रहे

उड़ान – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

उड़ान हम पंछी है धरा अंबर केसपनों की हम भरे उड़ान स्वच्छंद हो विचरण करूंहै हमें परिधि का ज्ञान जुड़ी

बेनाम- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

बेनाम अन्दर की अच्छाईझलक दे ही जाती है समुद्र की गहराई कोछुपाई नहीं जाती है समझने वाले न होपीड़ा बताई

कामना- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

कामना फूलों के शहर होप्रेम मय डगर होस्वच्छ नगर होखुशियों के घर मेंएकता माहौल हो समता के गीत सेखुशनुमा संगीत

मित्रता – डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

मित्रता सर्वोपरि सब रिश्तों मेंकीमत न लेते किस्तों में सार शब्द है मित्रता केसार्थक पहलू है रिश्तों के ईश्वर स्वरुप

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना हर बात सही नहीं हो सकती किसी की कभी भीलेकिन जो हमारे लिए सही

Leave a Comment