Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़

सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष शहीद आज भी ज़िंदा हैं वतन की राह में कुर्बान होने वाले । …


सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष
शहीद आज भी ज़िंदा हैं

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी " नाचीज़
वतन की राह में कुर्बान होने वाले ।

वतन परस्त परवाने आज भी ज़िंदा हैं ।।
धन्य है शहीदों को जन्म देने वाली माँ ।

बेटों की कुर्बानी से वो माँ आज भी ज़िंदा हैं
किसी जालिम के जुर्म के आगे झुके नहीं ।
वो जाँबाज यातना झेल आज भी ज़िंदा हैं।!
फाँसी के फंदे को हंसते-हंसतेशहीदों ने चूमा ।
वतन पर मर मिटने वाले आज भी ज़िंदा हैं ।।
इतिहास गवाह है शहादत की कहानियों से ।
सभी गुमनाम शहीद आज भी ज़िंदा हैं ।।
शहीदों की शहादत को हम भुला सकते नही ।
उन शहीदों की शहादत आज भी ज़िंदा हैं ।।
आओ नमन करे हम उन अनाम शहीदों को ।
“नाचीज़”शहीदों की कुर्बानी आज भी ज़िंदा हैं।।

मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़”
मो. 9680868028


Related Posts

ऐ चाँद- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

ऐ चाँद लिख रही तेरी दास्तानशीतलता करते प्रदानदागदार वह कहलाते हैंजीवों के हित आते हैंचाँदनी फिर छिटकाते हैंनिशब्द भरी रातों

भारत माता – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

भारत माता भारत जननी तू हो महानतूने जने हो वीर संतानसिर हिमालय की पायीचरणों को धोता सागर हैशेरों की है

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चतुर्भुज रूप में जन्म लियाअयोध्या को अनुराग दियामाँ कौशल्या के कहने परमूल रूप को त्याग दियाबाल्यकाल

जरा सोचो इंसान – मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

January 25, 2022

जरा सोचो इंसान अपनी जुबां से किसी को कभी ना सताना।मौत भी आकर कहे तो बहाना ये बनाना।।सम्भल कर कदम

माँ का आँचल- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -माँ का आँचल माँ एक बार फिर से मुझको,आँचल ओढ़ के सो जाने देबचपन की यादें ताज़ा हो जाएँ

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं दुनिया में लोगों ने पहलेअपनी – अपनी आस्था के अनुसारमंदिर, मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारेऔर भी नाना

Leave a Comment