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शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का 22 वां शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष

शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का 22 वां शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष मज़बूत भारत की बुलंद तस्वीर वैश्विक …


शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का 22 वां शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष

शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का 22 वां शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष

मज़बूत भारत की बुलंद तस्वीर

वैश्विक मंचोंपर भारत के शक्तिशाली रुतबे से दुनिया में भारत का डंका – भारत का 2023 के लिए समूह की अध्यक्षता ग्रहण करना सराहनीय उपलब्धि – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पिछले कुछ वर्षोंसे भारत की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिस शक्तिशाली रुतबे प्रमुखता अपेक्षाकृत अधिक पूछपरख मानसम्मान के साथ उपस्थिति पर दुनिया की नजरें उठ जाती है और भारत की तेजी के साथ बढ़ती प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य शिक्षा परिवहन सहित अन्य क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के जबरदस्त विकास और खासकर कोविड महामारी में 135 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा, 200 करोड़ पार वैक्सीनेशन, भारत की पहल पर 70 से अधिक देशों के समर्थन के साथ संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पोशाक अनाज वर्ष 2023 को घोषित करना, एक दिसंबर से 30 नवंबर 2023 तक जी-20 की अध्यक्षता जिसमें देश भर में 200 से अधिक जी-20 बैठक की मेजबानी करने की उम्मीद है, एससीओ सम्मेलन से पूर्व वाराणसी को क्षेत्र की पहली पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी 2022-23 के रूप में चुना जाना सहित अनेक ऐसी उपलब्धियां गिनाई जा सकती है। इस बीच 12 से 15 सितंबर 2022 को एससीओ सम्मिट जिसमें 8 देश शामिल हैं में भारत के पीएम की उपस्थिति जबकि जिनमें रूस यूक्रेन युद्ध, लद्दाख पर चीन के साथ तल्खी, पाक के नए पीएम की उपस्थिति, रूस के साथ नाटो देशों द्वारा पाबंदी के बावजूद राहतों पर तैलीय पदार्थों की खरीदी ऊपर से कुछ सदस्यों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से इस होने वाले एससीओ सम्मिट पर चर्चा करेंगे।

साथियों बात अगर हम इस एससीओ शिखर सम्मेलन के भारत के लिए महत्वपूर्ण होने की करें तो,भारत इस शिखर सम्मलेन में सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जो वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अति महत्वपूर्ण हो जाती है।चीन के साथ वार्ता- भारत हाल के सीमा विवादों के मद्देनजर चीन के साथ अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कर सकता है। यह भारत के पीएम और चीन के राष्ट्रपति के साथ, नवंबर 2019 के बाद पहली बैठक होगी। उनकी द्विपक्षीय बैठक नवंबर 2019 में ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। रूस के साथ वार्ता- इसके अतिरिक्त भारत रूस के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कर सकता है, और दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय रिश्तों को एक नया आयाम देने की भी प्रयास करेगा। गौरतलब है कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद रूस से सस्ते कीमत पर कच्चे तेल का आयात कर रहा है।
साथियों बात अगर हम उज्बेकिस्तान के समरकंद जो राजधानी ताशकंद से 300 किलोमीटर दूर है, में हो रहे 22 वें एससीओ शिखर सम्मेलन की करें तो एक टीवी चैनल पर ग्राउंड रिपोर्टिंग दिखाई गई, जिसमें वहां के नागरिकों पर भारत की अमिट शाप पड़ी हुई दिखी!! वो भारत की बहुत तारीफ और शक्तिशाली रुतबे बौद्धिक क्षमता में अग्रणी डिजिटल इंडिया और समृद्ध देश बताकर बहुत तारीफ कर रहे थे। उनका कहना था वह भारतीय नागरिकों से बहुत प्यार करते हैं, उनकी प्रथम पसंद भारत है यह टीवी चैनलों पर ग्राउंड रिपोर्टिंग देखकर हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो गया ऐसा है मेरा महान भारत।

साथियों बात अगर हम इस शिखर सम्मेलन की सामायिक परिस्थितिकी की करे तो, यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच विवाद है, यूक्रेन युद्ध में उलझे हैं पुतिन, पाकिस्तान नई सरकार बनी है, नए प्रधानमंत्री इस बैठक में शामिल हो रहे हैं, अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार है, कई देशों के बीच के आपसी समीकरण फिलहाल बदले नजर आ रहे हैं। वर्तमान समय में शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता उज्बेकिस्तान कर रहा है। जून 2019 के बाद यह पहला मौका है जब यह शिखर सम्मेलन फेस टू फेस या फिजिकल रूप में आयोजित किया जा रहा है, इससे पहले यह 2019 में किर्गिस्तान के बिश्केक में फिजिकल रूप में आयोजित किया गया था।

साथियों बात अगर हम एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत की उपस्थिति की विशेषता की करें तो, शिखर सम्मेलन में भारत की उपस्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत शिखर सम्मेलन के अंत में एससीओ की रोटेशनल प्रेसीडेंसी ग्रहण करेगा। भारत सितंबर 2023 तक एक साल के लिए समूह की अध्यक्षता करेगा। अगले साल भारत एससीओ सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें चीन,रूस और पाकिस्तान के नेता शामिल होंगे।

साथियों बात अगर हम एससीओ की संरचना की करें तो, इसकी संरचना में एससीओ सचिवालय क्षेत्रीयआतंकवाद रोधी संरचना (आरएटीएस) शासन प्रमुखों की परिषद आदि शामिल है।पर्यवेक्षक- वर्तमान में इसमे तीन पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान, मंगोलिया और बेलारूस है, जो इस संगठन की पूर्ण सदस्यता में रूचि रखते है। डायलॉग पार्टनर्स एससीओ के और छह डायलॉग पार्टनर्स आर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की है।महासचिव- एससीओ महासचिव को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। एससीओ के वर्तमान महासचिव चीन के हैं, जिन्होंने 1 जनवरी 2022 को अपना पद ग्रहण किया था। आधिकारिक भाषा-एससीओ की आधिकारिक भाषाएँ रूसी और चीनी हैं। एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।यह यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य संगठन है जिसका लक्ष्य इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखना है।इसका गठन वर्ष 2001 में किया गया था।एससीओ चार्टर वर्ष 2002 में हस्ताक्षरित किया गया था और यह वर्ष 2003 में लागू हुआ।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि 22 वें एससीओ शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष है मज़बूत भारत की बुलंद तस्वीर, वैश्विक मंचों पर भारत के शक्तिशाली रुतबे से दुनिया में भारत का डंका, भारत का 2023 के लिए समूह की अध्यक्षता ग्रहण करना सराहनीय उपलब्धि हैं।

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Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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