Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Hare_krishna_Mishra, poem

व्याकुल अंतर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

व्याकुल अंतर प्रीत निभाती रात गई बित , जोड़ जोड़ कर सपने-अपने,बंद आंखों में मिलन यामिनी ,हुई भोर तो साथ …


व्याकुल अंतर

व्याकुल अंतर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र
प्रीत निभाती रात गई बित ,

जोड़ जोड़ कर सपने-अपने,
बंद आंखों में मिलन यामिनी ,
हुई भोर तो साथ नहीं थी ।।

आकुलता मिलने की तुमसे,
विरह लिए मैं रात खड़ी थी ,
नियति कैसी चाल चली थी ,
मिलने के पहले भोर हुई थी ।।

सहज सरल जीवन बन कर ,
मिलन यामिनी जिंदगी जैसी,
सुख-दुख के दोनों तीरों से ,
जीवन जिया मिलकर दोनों ।।

प्रतिपल तेरा एहसास रहा है,
बिछड़ेंगे जीवन में दोनों ,
कहीं नहीं आभास मिला है ,
बांटेंगा दर्द कहां अब कौन।।?।।

संग जीने का शपथ हमारा ,
नियति के हाथों टूट गया है,
दूरदिन की घड़ियां गिन कर,
आज किनारे आ बैठा हूं ।।

दोनों के बीच में दूरी कितनी,
इसका तो अनुमान नहीं है ,
दुख दर्द का कहना भी क्या,
मूल्यांकन आसान नहीं है ।।

चलता आया हूं बिना तुम्हारे,
आगे बढ़ने का धैर्य नहीं है ,
संकल्प हमारा टूट रहा है ,
आगे का सुधि लेगा कौन ।।?।।

सजे सजाए कितने सपने,
टूट गए जीवन के मेरे ,
अनुशीलन करता करता मैं,
भूल गया अपने जीवन को ।।

रही प्रतीक्षा फिर भी तेरी 
मिलने की सुधि बची हुई है,
आने-जाने का क्रम गौन है,
फिर भी प्रतीक्षा में रहते हैं ।।

कैसी मजबूरी जीवन की,
असंभव भी संभव सा है,
छोड़ो मेरी कल्पना अपनी,
आहत होकर हंस लेता हूं ।।

मौलिक रचना
डॉ हरे कृष्ण मिश्र
बोकारो स्टील सिट
झारखंड ।


Related Posts

जीवनपथ – भारती चौधरी

November 7, 2021

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध

बादल – चन्दा नीता रावत

November 7, 2021

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

November 7, 2021

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन

जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट

Leave a Comment