Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं| I mere pas time nahi

व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं मेरे पास पचासों काम रहते है तुम्हारे समान खाली हूं क्या मैं बहुत बिजी रहता …


व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं

मेरे पास पचासों काम रहते है
तुम्हारे समान खाली हूं क्या
मैं बहुत बिजी रहता हूं
मेरे पास टाइम नहीं

सिर्फ चार घंटे मित्रों से बतियाता हूं
सिर्फ दो घंटे धूप में बैठता हूं
सिर्फ दो घंटे नावेल पढ़ता हूं
मेरे पास टाइम नहीं है

संस्थाओं का काम अपने मतलब से करता हूं
स्वार्थी मतलबी बिजी आदमी हूं
कोई मुझसे बात करने आया तो छोड़ता नहीं
मेरे पास टाइम नहीं

लोगों की बेकार की बातें ध्यान से सुनता हूं
मोहल्ले कॉलोनी के दो-चार चक्कर काटता हूं
टाइम कैसे कटे सोचता हूं पर दिखावा करता हूं
मेरे पास टाइम नहीं

साथियों को अगर खाली हूं यह बताता हूं
दस काम फोकट में निकालते हैं
बिना फीस या मुनाफा दिए चले जाते हैं इसलिए
मेरे पास टाइम नहीं

हकीकत है काम एक पैसे का नहीं पर फुर्सत
भी एक मिनट की नहीं दिखावा ऐसा करता हूं
बिजी बताने से प्रतिष्ठा बढ़ती है इसलिए
मेरे पास टाइम नहीं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

विनाश की ओर नहीं विकास की तरफ़ कदम बढ़ाईये

June 23, 2022

“विनाश की ओर नहीं विकास की तरफ़ कदम बढ़ाईये” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर धर्म क्या है? कोई नहीं जानता और

“हेट्स ऑफ़ पुष्पा” (स्त्री सशक्तिकरण का बेनमून उदाहरण)

June 23, 2022

 “हेट्स ऑफ़ पुष्पा” (स्त्री सशक्तिकरण का बेनमून उदाहरण) भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर हम टीवी सिर्फ़ मनोरंजन के लिए देखते है

“समान भाव क्यूँ नहीं”

June 23, 2022

 “समान भाव क्यूँ नहीं” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर आज एक तस्वीर देखी जिसमें किसी संप्रदाय के साधु एक भी कपड़ा

सत्ता की बात साहित्य के साथ

June 23, 2022

 “सत्ता की बात साहित्य के साथ” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर “सच्चाई के सारे सिरे उधेड़कर शब्दों की नक्काशी से साफ़

“श्रृंगार या सौभाग्य”

June 23, 2022

 “श्रृंगार या सौभाग्य” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर रुचि जो एक कार्पोरेट जगत में मल्टीनेशनल कंपनी में सीईओ की पोजीशन पर

“आत्मविश्वास जीवन की पूँजी है”

June 23, 2022

 “आत्मविश्वास जीवन की पूँजी है” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर आत्मविश्वास के साथ ज़िंदगी को सकारात्मक सोच लिए देखने का हुनर

Leave a Comment