Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

 भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे …


 भावनानी के भाव

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है
रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे हैं 
मेक इन इंडिया मेक फॉर वर्ल्ड कर रहे हैं 
दि रन वे टू अ बिलियन अपॉर्चुनिटीस 
चौदह वां एयरो इंडिया सफ़ल हो रहा है
विश्व के प्रमुख फैशन हाउसों में 
अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहें हैं
अपने शिल्प और फैशन सामग्री को 
वैश्विक पटल पर आगे बढ़ा रहे हैैं 
भारत को विश्व की फ़ैशन 
राजधानी बना रहे हैं
भारत को अपने उत्पादों को विश्व के प्रमुख 
फ़ैशन हाउसों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैैं 
प्रदर्शन में विश्व स्तर पर अपनी 
उपस्थिति दर्ज़ करा रहे है 
बिना किसी पूर्वाग्रह के राष्ट्र की 
प्रगति में सहयोग कर रहे हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

March 4, 2023

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने

धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं

March 4, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा

शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं

March 4, 2023

 भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं पद और कुर्सी से बेवफाई किया हूं मैंने

मुझे बहुत ज़लनखोरी होती है

March 4, 2023

 भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव मुझे बहुत ज़लनखोरी होती है उसको बहुत सफ़लता मिलती है तो  उसपर मां लक्ष्मी की कृपा

क्योंकि ज़लनखोरों को मिर्ची लग रही है

March 4, 2023

 भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव  क्योंकि ज़लनखोरों को मिर्ची लग रही है मेरी कामयाबी से चारों और खुशी मच रही है 

PreviousNext

Leave a Comment