Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च 2022

विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च 2022 वर्तमान जलवायु संकट में विश्व मौसम विज्ञान को गंभीरता से रेखांकित करने की …


विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च 2022

विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च 2022
वर्तमान जलवायु संकट में विश्व मौसम विज्ञान को गंभीरता से रेखांकित करने की ज़रूरत

मौसम विज्ञान मानवीय जिंदगियों और आजीविका बचाने प्राकृतिक आपदाओं की सटीक पूर्वानुमान जानकारी उपलब्ध कराने में पूर्णतःसक्षम – एड किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर हम पिछले दो दशकों से देख रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन का संकट बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में तो पूरे विश्व में हमने प्राकृतिक आपदाओं का मंजर ज्वालामुखी उठना, जंगलों में आग, बाढ़, भूकंप, चक्रवात, तूफान जैसे अनेक आपदाओं का संकट बढ़ा है, जिसपर नियंत्रण के लिए वैश्विक स्तरपर पेरिस जलवायु समझौता लाया गया जिसके अनुसार सभी सदस्य देशों को कार्बन उत्सर्जन जीरो तक लाना है।
साथियों इसके साथही लगभग हर देश में इन प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान लगाकर मानवीय जिंदगियों और आजीविका को बचाना,भारी तबाही और नुकसान बचाने मौसम विज्ञान विभाग गठित किया गया है जिसकी पैनी निगाह से वहां की सरकारें इन आपदाओं के बचाव में पूर्व तैयारियों का को अंजाम देकर जिंदगियों आजीविका और तबाही पर नियंत्रण करने रणनीति रोडमैप बनाते हैं। फिर भी वैश्विक स्तरपर संयुक्तराष्ट्र का विश्व मौसम विज्ञान संगठन भी बना है जो परिचालनात्मक जल विज्ञान और संबंधित भूभौतिकी विज्ञान की एक विशिष्ट एजेंसी भी बनी है जिसका भारत सदस्य है।
साथियों बात अगर हम मौसम विज्ञान की करें तो,यह मौसम का पूर्वानुमान विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी की एक ऐसी शाखा है जिसमें किसी स्थान के वायुमंडलीय दशाओंकी वैज्ञानिक भविष्यवाणी की जाती है। पिछले कुछ समय से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने समुद्री चक्रवातों और तूफानों का सटीक आकलन करना प्रारंभ कर दिया है,जिससे ना केवल करोड़ों-अरबों रूपए की राष्ट्रीय संपत्ति का कम-से-कम नुकसान हुआ है, बल्कि जान-माल का भी कम-से-कम नुकसान हुआ है. चाहे ओडिसा-आंध्रप्रदेश में आया फाइलिन चक्रवात हो, हुदहुद चक्रवात हो, गुजरात में आया निलोफर तूफान हो या फ़िर तमिलनाडु, केरल एवं लक्षद्वीप में आया ओखी चक्रवात हो या फिर पिछले वर्ष कोलकाता और मुंबई में आया हुआ तूफान हो, हर बार भारतीय मौसम विज्ञान विभाग तकरीबन सटीक भविष्यवाणी करने में सफल रहा है।
साथियों बात अगर हम पूर्वानुमान अवधि की करें तो प्रायः मौसम पूर्वानुमान आगामी 24 से 48 घंटों के लिए किया जाता है। आगामी 48 घंटों से एक सप्ताह के लिए मौसम के बारे में किया जाने वाला पूर्वानुमान मध्यम अवधि पूर्वानुमान कहलाता है. मध्यम अवधि पूर्वानुमान सामान्य पूर्वानुमान से जटिल कार्य है। इसके लिए आगामी मौसम को प्रभावित करने वाली बीती मौसमी घटनाओं को सूचीबद्ध किया जाता है। मध्यम अवधि पूर्वानुमान के तहत आगामी 10 दिनों में वायुमंडल के व्यवहार के बारे में भविष्यवाणी की जाती है

साथियों बात अगर हम मौसम विज्ञान के महत्व और प्रतिवर्ष उसके थीम की करें तो, मौसम विज्ञान द्वारा दी गई जानकारी के फलस्वरुप ही दूर देशों की यात्रा संभव हो पाती है। किस शहर मे क्या मौसम है। कहां कौन सी आपदा है इन सब बातों की जानकारी मौसम विज्ञान द्वारा ही संभव हो पाई है। प्रतिवर्ष मौसम विभाग संगठन यह दिन किसी ना किसी खास विषय को ध्यान में रखकर मनाता है। साल 2011 में विश्व मौसम विज्ञान दिवस के अवसर पर जलवायु हमारे लिए, विषय पर जोर दिया गया। जबकि वर्ष 2013 में इसका विषय था- जीवन और संपत्ति के संरक्षण हेतु मौसम का अवलोकन था। साल 2017 में इसका विषय था- उग्र मौसम ने जिंदगियां लील ली और आजीविका को तबाह कर दिया।
साल 2018में विश्व मौसम विभाग दिवस दुनिया के पटल पर मौसम – तैयार, जलवायु-स्मार्ट के रूप में मनाने के उद्देश्य के साथ संपन्न किया गया। 2019 में सूर्य पृथ्वी और महोत्सव।2020 मेंजलवायु और जल। 2021 में महासागर जलवायु और मौसम तथा 2022 में सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण रखा गया है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में बैठकें, संगोष्ठियों में मौसमविज्ञानी आपस में विचार एवं अनुभव बांटते हैं तथा इस पर चर्चा करते हैं कि इस उभरते विज्ञान के ज्ञान का न केवल भारतीयों बल्कि मानवजाति के कल्याण के लिए कैसे बेहतर उपयोग किया जाए।
साथियों बात अगर हम विश्व मौसम विज्ञान को मनाने की करें तो, इस दिवस पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मौसम संबंधी विभाग के अधिकार, विशेषज्ञ, समुदाय के नेताओं और आम जनता के लिए सम्मेलन, संगोष्ठी और प्रदर्शनियां आयोजित की जाती है। जिनमें मुख्य रुप से मौसम में घटने वाली विभिन्न घटनाओं पर मंथन किया जाता है। मौसम में हो रहे परिर्वतन और उस पर पड़ रहे प्रभाव का भी विश्लेषण किया जाता है।
साथियों बात अगर हम विश्व मौसम विज्ञान दिवस के इतिहास और वर्तमान बदलाव की करें तो, सन् 1950 में 23 मार्च के दिन संयुक्त राष्ट्र की एक इकाई के रूप में विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) की स्थापना हुई थी और जिनेवा में इसका मुख्यालय खोला गया था। संगठन की स्थापना का उद्देश्य मानव के दुखदर्द को कम करना और संपोषणीय विकास को बढावा देना है। पहले के जमाने में मौसम का पूर्वानुमान बैरोमीटर में आने वाले बदलावों, उस वक्त की मौसमी दशाओं और आकाशीय लक्षणों पर आधारित होता था। किन्तु वर्तमान समय में मौसम का पूर्वानुमान पूरी तरह से कंप्यूटर द्वारा प्राप्त किए गए आंकड़ों पर आधारित होता है।जानकारियां इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से ली गई है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च 2022, वर्तमान जलवायु संकट में विश्व मौसम विज्ञान को गंभीरता से रेखांकित करने की ज़रूरत है तथा मौसम विज्ञान मानवीय जिंदगियों को और आजीविका बचाने प्राकृतिक आपदाओं की सटीक पूर्वानुमान जानकारी उपलब्ध कराने में पूर्णतःसक्षम है।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

बच्चे अपंग (आलसी) हो जाएं, इतनी भी सुविधा न दें

January 30, 2023

 बच्चे अपंग (आलसी) हो जाएं, इतनी भी सुविधा न दें  pic credit -freepik सुबह-सुबह स्कूल जाने का समय होते ही

पेपर लीक सिस्टम वीक़? | Paper leek, system weak

January 29, 2023

पेपर लीक सिस्टम वीक़? आखिर क्यों बार-बार पेपर लीक के मामले बढ़ते जा रहे हैं पेपर लीक नेटवर्क के ऑर्गेनाइज्ड

सुपरहिट-दृष्टिभ्रम के मास्टर पीटर परेरा की मास्टरपीस ‘मिस्टर इंडिया’

January 29, 2023

सुपरहिट-दृष्टिभ्रम के मास्टर पीटर परेरा की मास्टरपीस ‘मिस्टर इंडिया’ हिंदी फिल्मों में एक्टर, एक्ट्रेस, डायरेक्टर और संगीतकार (इसी क्रम में)

सामाजिक सरोकार | samajik sarokar

January 29, 2023

सामाजिक सरोकार जीव मात्र सामाजिक प्राणी हैं,उन्हे साथ चाहिए ये बात पक्की हैं।उसमे चाहें कौए हो या चिड़िया सब अपनों

बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं

January 29, 2023

भावनानी के भाव बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं पिता से बड़ा

विश्व में भारत आर्थिक विकास का इंजन है

January 28, 2023

भावनानी के भाव विश्व में भारत आर्थिक विकास का इंजन है विश्व में भारत आर्थिक विकास का इंजन है जहां

PreviousNext

Leave a Comment