Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती …


कविता
विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार
विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है
रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती है
वंदन कर गुरु को नमन करते हैं
बड़ों की सेवा में आगे रहते हैं

संयुक्त परिवार की प्रथा कायम रखे हैं
अतिथियों को देव तुल्य मानकर सेवा करते हैं
सबको प्यार का पाठ पढ़ाते हैं
हम अपनी संस्कृति से प्यार करते हैं

अनेकता में एकता हमारी शैली है
प्राकृतिक संपदा से भरपूर हरियाली है
श्रावण कुमार गुरु गोविंद सिंह महाराणा प्रताप
वीर शिवाजी अनेकों योद्धाओं की मां भारती है

लेखक – कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, 
चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

क्या लेकर आया है जो ले जायेगा

June 24, 2022

 क्या लेकर आया है जो ले जायेगा सुधीर श्रीवास्तव यह कैसी विडम्बना है कि हम सब जानते हैं मगर मानते

अनंत यात्रा

June 24, 2022

 अनंत यात्रा सुधीर श्रीवास्तव शून्य से शिखर तक जीवन की गतिमान यात्रा खुद को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतर होने का दंभ

व्यंग्य स्वार्थ के घोड़े

June 24, 2022

 व्यंग्यस्वार्थ के घोड़े सुधीर श्रीवास्तव आजकल का यही जमाना अंधे को दर्पण दिखलाना, बेंच देते गंजे को कंघा देखो! कैसा

डरने लगा हूँ मैं

June 24, 2022

 डरने लगा हूँ मैं सुधीर श्रीवास्तव वो छोटा होकर  कितना बड़ा हो गया है, बड़ा होकर भी बहुत छोटा हो

परिस्थितियां

June 24, 2022

 परिस्थितियां सुधीर श्रीवास्तव जीवन है तो परिस्थितियों से दो चार होना ही पड़ता है, अनुकूल हो या प्रतिकूल हमें सहना

मजदूरों का मान

June 24, 2022

 मजदूरों का मान सुधीर श्रीवास्तव माना कि हम मजदूर हैं पर मेहनत से जी नहीं चुराते, अपने काम में समर्पित

Leave a Comment