Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती …


कविता
विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार
विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है
रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती है
वंदन कर गुरु को नमन करते हैं
बड़ों की सेवा में आगे रहते हैं

संयुक्त परिवार की प्रथा कायम रखे हैं
अतिथियों को देव तुल्य मानकर सेवा करते हैं
सबको प्यार का पाठ पढ़ाते हैं
हम अपनी संस्कृति से प्यार करते हैं

अनेकता में एकता हमारी शैली है
प्राकृतिक संपदा से भरपूर हरियाली है
श्रावण कुमार गुरु गोविंद सिंह महाराणा प्रताप
वीर शिवाजी अनेकों योद्धाओं की मां भारती है

लेखक – कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, 
चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

पिता के लिए कोई शब्द नहीं

September 22, 2022

कविता पिता के लिए कोई शब्द नहीं पिता की ज्ञानवर्धक बातों को अनुशासन से समझते नहींपिता के लिए कोई शब्द

कविता– उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !

September 22, 2022

कविता- उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !  उस दिन बहुत गहमागहमी थी  जब एक हास्य कलाकार

मी – टाइम (Me-time) by kishan bhavnani

September 21, 2022

मी – टाइम मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक ऊर्जा और तनाव मुक्त जीवन के लिए खुद के साथ समय बिताना बेहद फायदेमंद

सोच को संकुचित होने से बचाएं।

September 21, 2022

सोच को संकुचित होने से बचाएं। अपनी सोच को संकुचित ना होने दें,इस अपार समझ को कभी ना खोने दें,असीम

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस 21 सितंबर 2022 पर विशेष

September 21, 2022

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस 21 सितंबर 2022 पर विशेष पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।  सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥ आओ

भ्रष्टाचार

September 19, 2022

भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार मुक्ति का अस्त्र – कर्तव्य परायणता सर्वोपरि भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए 2047 का इंतजार क्यों? पद के प्रति

Leave a Comment