Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

विश्व पर्यावरण दिवस पर कविता ,| poem on world environment day

विश्व पर्यावरण दिवस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सबको संकल्पित होना है,देवभूमि रूप इस धरती पर पर्यावरण को नहीं खोना …


विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस पर कविता ,| poem on world environment day

विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सबको संकल्पित होना है,
देवभूमि रूप इस धरती पर पर्यावरण को नहीं खोना है।

अब तक जो कुछ हुआ, हुआ उससे आगे अब बढना है,
पर्यावरण बचाने हेतु कुछ नये आयाम गढना है।

पंचभूत तत्वों को सहेज कर ही पर्यावरण रक्षण होगा,
साफ शुद्ध हवा बहेगी जब पेडों का संरक्षण होगा।

बाग बगीचे जंगल आदि को काटना बंद करना होगा,
कंक्रीट बिछाना छोड़, नया इको फ्रेंडली शहर गढना होगा !

हरियाली जब लौटेगी पशु पक्षियों को उनके घर मिल जाएंगे,
पारिस्थितिक चक्र सुधरेगा लुप्त प्रजातियां जीवन पाएंगे ।

कार्बन क्रेडिट कम करने की दिशा में दुनिया को आगे बढना होगा,
ओज़ोन परत बनी रहे सुरक्षित मिलकर काम करना होगा।

शहरी औ औद्योगिक दूषण कम करना सबकी जिम्मेदारी है,
जलवायु परिवर्तन रोकने चाहिए विश्व की साझेदारी है।

गांवों को आधार बना शहरों को पुनर्जीवित करना होगा,
इस सदी में भारत को इस क्षेत्र में विश्व नेतृत्व करना होगा।

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur 
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

देशभक्त नहीं हो सकते हैं” – सचिन राणा “हीरो”

December 18, 2021

देशभक्त नहीं हो सकते हैं देश के सैनिक की शहादत पर, जो रो नहीं सकते हैं… वो कुछ भी हो

ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी

December 18, 2021

ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के

सपने- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत नमन करता देश तुमको गर्व तुम पर देश को है,नम हैं आँखें भले हमारीविश्वास है कि

दरख्त और कुल्हाड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

दरख्त और कुल्हाड़ी अरे बेशर्म मानवों! कितने बेहया हो तुममगर तुम्हें क्या फर्क पड़ता हैतुम आखिर सुनते ही किसकी हो।

विजय दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

विजय दिवस शुरू हुआ जो युद्ध तीन दिसंबर उन्नीस सौ इकहत्तर कोभारत पाकिस्तान के बीच मेंछुडा़ रहे थे सैनिक भारत

Leave a Comment