Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, kishan bhavnani, lekh

विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन 12 से 15 सितंबर 2022

विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन 12 से 15 सितंबर 2022 सफेद क्रांति का आगाज़ भारतीय डेयरी उद्योग के विकास और उपलब्धियों …


विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन 12 से 15 सितंबर 2022

Dairy
सफेद क्रांति का आगाज़

भारतीय डेयरी उद्योग के विकास और उपलब्धियों का वैश्विक मंच से आगाज़

भारत में आयोजित चार दिवसीय विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन किसानों पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – भारत आदि अनादि काल से ही पशुपालकों की श्रेणी में प्रमुखता से रहा है खासकर दूध के क्षेत्र में भारत का वैश्विक स्तर पर दबदबा बड़ी तेजी से बढ़ा है। भारत दुनिया में दूध के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है।1955 में, भारत का मक्खन आयात प्रति वर्ष 500 टन था और 1975 तक दूध और दूध से बने उत्पादों के सभी आयात बंद कर दिए गए थे क्योंकि भारत दूध उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर हो गया था। डेयरी क्षेत्र से भारत सहित दुनिया के अरबों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। दूध के महत्व को एफएओ के आंकड़ों से समझा जा सकता है जो दिखाता है कि दुनिया भर में 1 अरब से अधिक लोगों की आजीविका डेयरी क्षेत्र से जुड़ी है। दुनिया भर में 6 अरब से अधिक लोगों द्वारा डेयरी उत्पादों का उपभोग किया जाता है।1974 के बाद चूंकि चार दिवसीय विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन 12 से 15 सितंबर 2022, तक भारत में शुरू है इसीलिए आज हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से इन डेयरी उत्पादों पर चर्चा करेंगे।
साथियों बात अगर हम आईडीएफ डब्लूडीएस 2022 की करें तो, दुनिया भर के सभी डेयरी विशेषज्ञों, नेताओं और इच्छुक हितधारकों के लिए दुनिया भर में डेयरी क्षेत्र से जुड़ने,सीखने और आदान-प्रदान करने का एक अनूठा अवसर है।शिखर सम्मेलन के परिचारकों में व्यापारिक नेता, वैज्ञानिक और तकनीशियन, स्वास्थ्य और पोषण विशेषज्ञ, विपणन पेशेवर और विविध, अंतर्राष्ट्रीय दर्शक होंगे। पोषण और आजीविका के लिए डेयरी विषय के तहत, वर्ल्ड डेयरी सम्मिट 2022 के कार्यक्रम में विभिन्न वैज्ञानिक, तकनीकी, व्यावसायिक और विपणन सत्र शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष ने मीडिया में कहा कि कार्यक्रममें 300 विदेशी प्रतिनिधि और 1,200 भारतीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इसमें 700 से 800 किसान भी भाग लेंगे, जिसमें से ज्यादातर भारतीय होंगेउल्लेखनीय है कि देश में लगभग आठ करोड़ डेयरी किसान हैं और इनमें से ज्यादातर छोटे और सीमांत (औसतन दो गोवंश वाले) हैं। देश में दूध का वार्षिक घरेलू उत्पादन 22 करोड़ टन होने का अनुमान है।
साथियों बात अगर हम इसशिखर सम्मेलन से लाभों की करें तो, भारतीय डेयरी उद्योग की सफलता की कहानी आईडीएफ डब्ल्यूडीएस 2022 में प्रदर्शित की जा रहीं हैं। शिखर सम्मेलन से भारतीय डेयरी से जुड़े लोगों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को जानने में मदद मिलेगी। दरअसल, भारतीय डेयरी उद्योग वैश्विक दुग्ध उद्योग में लगभग 23 फ़ीसदी की हिस्सेदारी रखता है। यहां सालाना लगभग 210 मिलियन टन का उत्पादन किया जाता है और आठ करोड़ से ज्यादा डेयरी किसान इससे सशक्त बनाते हैं।
साथियों यह सम्मेलन एक सहकारी मॉडल पर आधारित हैं, जो छोटे और सीमांत डेयरी किसानों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद करेगा, इसलिए भारतीय डेयरी उद्योग इस मायने में अद्वितीय है। पीएम के विजन से प्रेरित होकर, सरकार ने डेयरी क्षेत्र की बेहतरी के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले आठ वर्षों में दूध उत्पादन में 44 फ़ीसदी से अधिक की वृद्धि होने की जानकारी वीडियो में आ रही है।
साथियों बात अगर हम इस शिखर सम्मेलन से आईडीएफ अध्यक्ष के विचारों से लाभों की करें तो, आईडीएफ के अध्यक्ष कहते हैं, प्रतिभागियों को दो साल के बाद व्यक्तिगत रूप से डेयरी समुदाय में फिर से शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिसके दौरान अधिकांश कार्यक्रम वस्तुतः किए गए थे”, और उन्होंने आगे कहा: “यह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बातचीत और नेटवर्क का मौका देगा। दुनिया भर के सहयोगियों के साथ। उन्होंने कहा अटेंडेंट के पास नवीनतम विज्ञान और अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी, और डेयरी क्षेत्र के साथ-साथ व्यापार और विपणन में अत्याधुनिक प्रथाओं पर लागू होने वाली अच्छी प्रथाओं तक पहुंच होगी, और वह भी पुष्टि करता है, वे भारतीय डेयरी क्षेत्र के बारे में भी जान सकेंगे, जो दुनिया में सबसे बड़े और सबसे दिलचस्प में से एक है। इस संबंध में, कार्यक्रम में भारतीय उत्पादन और प्रसंस्करण स्थलों के आसपास के तकनीकी दौरे शामिल हैं। हम भारतीय राष्ट्रीय समिति और आईडीएफ की सभी स्थायी समितियों, विशेषज्ञों के समुदाय और हमारे प्रधान कार्यालय के सहयोग से इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए बहुत आभारी हैं।
साथियों बात अगर हम इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन माननीय पीएम द्वारा करने और किसानों पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होने की करें तो सम्मेलन का उद्घाटन माननीय पीएम द्वारा किया गया, उन्होंने कहा सीमांत और डेयरी किसानों को फायदा होगा। विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन के माध्यम से डेयरी किसानों, नेताओं,विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, पेशेवरों के लिए एक बड़ा अवसर होगा. पत्रकारों और शिक्षाविदों को सीखने,जुड़ने और प्रेरित होने के लिए भारत की सफलता की कहानी आईडीएफ वर्ल्ड डेयरी समिट के माध्यम से दुनिया के साथ साझा की जाएगी, जहां हम देख सकते हैं कि डेयरी कैसे विकास और महिला सशक्तिकरण का इंजन है। डब्ल्यूडीएस भारतीय उद्योग के लिए वैश्विक एक्सपोजर हासिल करने का एक शानदार तरीका है जो भारत के छोटे धारक दूध उत्पादन प्रणाली पर ध्यान आकर्षित करेगा और जागरूकता बढ़ाएगा। गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शकों के लिए 6,900 वर्ग मीटर से अधिक का एक प्रदर्शनी स्थान उपलब्ध होगा।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन करउसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विश्व डेरी शिखर सम्मेलन 12 से 15 सितंबर 2022 तक शुरू है। सफेद क्रांति का आगाज,भारतीय डेयरी उद्योग के विकास और उपलब्धियों का वैश्विक मंच से आगाज। भारत में आयोजित चार दिवसीय विश्व डेरी शिखरसम्मेलन किसानों पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

About author

Kishan sanmukhdas bhavnani
-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

बारिश बाढ़ का कहर / badh ka kahar

July 13, 2022

 बारिश बाढ़ का कहर  मानसून की बारिश से तबाही, प्राकृतिक आपदा या फ़िर सिस्टम की नाकामी?  मानसून की बारिश में

जन संख्या नियंत्रण कानून जल्दी से लागू हो

July 13, 2022

 “जन संख्या नियंत्रण कानून जल्दी से लागू हो” प्रतिवर्ष 10 जुलाई जनसंख्या नियंत्रण दिवस पर सबको याद आता है कि

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2022 पर विशेष

July 13, 2022

 विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2022 पर विशेष  बेरोजगारी, भुखमरी, अशिक्षा रूपी समस्याओं से छुटकारा सहित भविष्य के अवसर, अधिकार

आओ स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं

July 13, 2022

 आओ स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं  मानव समाज समुद्र और महासागरों की प्राकृतिक संपदा से लगातार

मिशन वात्सल्य /mission vatsalya

July 13, 2022

 मिशन वात्सल्य /mission vatsalya  भारत के हर बच्चे के लिए हमें स्वस्थ खुशहाल बचपन सुनिश्चित करना, संवेदनशील समर्थनकारी और समकालीन

कमाई की होड़ में शिक्षण संस्थान,

July 13, 2022

 कमाई की होड़ में शिक्षण संस्थान, शिक्षा का बाजार या बाजार की शिक्षा। प्रियंका ‘सौरभ’ शिक्षा के व्यावसायीकरण के कारण

Leave a Comment