Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

विश्वविख्यात विलियम शेक्सपियर-डॉ. माध्वी बोरसे!

विश्वविख्यात साहित्यकार विलियम शेक्सपियर विलियम शेक्सपियर यकीनन सभी समय के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक है। उन्होंने 38 नाटकों, …


विश्वविख्यात साहित्यकार विलियम शेक्सपियर

विश्वविख्यात  विलियम शेक्सपियर-डॉ. माध्वी बोरसे!

विलियम शेक्सपियर यकीनन सभी समय के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक है। उन्होंने 38 नाटकों, दो कथा, कविताओं, कई अन्य कविताएं और 154 सोनट्स लिखी हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कविताएं कुछ हैमलेट और रोमियो और जूलियट हैं!
विश्वविख्यात साहित्यकार विलियम शेक्सपियर का जन्म 23 अप्रैल 1564 मैं हुआ था, और इतिहासकारों का मानना है कि इनकी मृत्यु भी इसी दिन हुई थी!

विलियम शेक्सपियर बहुत ही विशेष व्यक्ति थे, वह बहुत ही मेहनती, खुले विचारों वाले, आशावादी, दृढ़ संकल्प, और रचनात्मक व्यक्ति थे!
वह हर बात, कहानी, कविताएं, सोनेट, और नोवेल्स को बहुत ही विस्तार और अद्भुत ढंग से लिखते थे और बताते थे! शेक्सपियर को व्यापक रूप से दुनिया का सबसे महान नाटककार माना जाता है।
इनकी बहुत ही अच्छी बातें है, जो दिल को छू जाने वाली है, उनमें से एक बात है कि,
यदि आप अपने आप के साथ सत्य बोलते हैं, या स्वयं के साथ सच्चे हैं, तो हम किसी के लिए गलत नहीं हो सकते हैं!
इंसान होने के नाते हमें यह पता ही है, कि क्या सही है और क्या गलत है, फिर भी हम अपनी दिनचर्या में, स्वयं को झूठ बोलते हैं!
सुबह से ही ले लीजिए, हमें पता है कि हमे सबसे ज्यादा सुबह ही अच्छा महसूस होता है, शुद्ध हवा, शुद्ध वातावरण, हमें उत्साह और प्रसन्नता से भर देती है ! फिर भी हम स्वयं से झूठ कहते हैं, कि सुबह उठना इतना जरूरी नहीं, ऐसे ही बहुत से ऐसे कार्य है जिसको, करने कि हमारी आत्मा गवाही नहीं देती, फिर भी हम उसे करते हैं तो हम स्वयं को और साथ ही दूसरों को भी हानि पहुंचा रहे होते हैं! कहने का तात्पर्य यह है कि स्वयं से सत्य कहे, यहां तक की हम कभी कभी, खुद के स्वार्थ में दूसरों को बहुत हानि पहुंचाते हैं, भ्रष्टाचार करना, निर्दयता दिखाना, अपमान करना, अत्याचार सहना, इन सभी की हमारी आत्मा गवाही नहीं देती है, फिर भी हम स्वयं से सच नहीं कहते हैं!
तो चलिए आज जैसे कि विलियम शेक्सपियर का जन्म दिन है, तो उनके सम्मान में, हम प्रतिज्ञा लेते हैं, कि स्वयं से कभी झूठ ना बोले, स्वयं से हमेशा सच बोलेंगे, और यही असली आत्म सम्मान होगा! मैं शेक्सपियर की, कुछ बातें, कुछ पंक्तियों में बताना चाहूंगी!

प्रेम सबसे करें,
विश्वास कुछ पर करें!
किसी को नुकसान ना पहुंचाएं,
बहादुरी के साथ जिंदगी को बिताए
अपने आचरण का परिणाम धैर्य रखकर सहे,
दूसरों से उम्मीद ना रखे,
सोचे, समझे फिर हर बात को कहें!
सोचे, समझे फिर हर बात को कहें!

डॉ. माध्वी बोरसे!
लेखिका!
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

मणिपुर चीरहरण विशेष | Manipur Chirharan Special

July 23, 2023

मणिपुर चीरहरण विशेष | Manipur Chirharan Special चीरहरण को देख कर, दरबारी सब मौनप्रश्न करे अँधराज पर, विदुर बने वो

Manipur news today :महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई

July 22, 2023

मणिपुर मामले का आकार – मानसून सत्र लाचार – हंगामे का वार पलटवार महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई –

Manipur news:महिलाओं के साथ दरिंदगी

July 21, 2023

Manipur news:महिलाओं के साथ दरिंदगी  140 करोड़ देशवासियों के लिए शर्मिंदगी  संवैधानिक लोकतंत्र में महिलाओं के साथ शर्मसार दरिंदगी अस्वीकार

पीड़ा जाते हुए उपहार दे जाएगी अगर…

July 20, 2023

पीड़ा जाते हुए उपहार दे जाएगी अगर… तड़पते– तड़पते इंसान सब्र करना सीख जाता है और यह तब होता है

State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act 2005 Vs INDIA

July 20, 2023

भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग व निषेध) अधिनियम 2005 बनाम आई.एन.डी.आई.ए, टैग लाइन जीतेगा भारत 2024 सियासी की लड़ाई

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर करेक्टर सर्टिफिकेट जल्दी लग जाता है

July 19, 2023

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर करेक्टर सर्टिफिकेट जल्दी लग जाता है समाज कहता है कि पुरुष यानी तांबे का लोटा।

PreviousNext

Leave a Comment