Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र ‘कबीर

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता आज मेरे स्वप्न में..पेड़ों ने हड़ताल कीपरिंदों के आज़ादी सेआकाश में उड़ने परलगे प्रतिबंधों …


विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र 'कबीर

आज मेरे स्वप्न में..
पेड़ों ने हड़ताल की
परिंदों के आज़ादी से
आकाश में उड़ने पर
लगे प्रतिबंधों के विरोध में,
इसके परिणामस्वरूप
अपने कट जाने के भय से
सहमे हुए से वो
मुझे नजर नहीं आए।
नदियों ने हड़ताल की
मछलियों के आज़ादी से
जल में विचरने पर
लगे प्रतिबंधों के विरोध में,
इसके परिणामस्वरूप
अपना रास्ता बदले जाने के भय से
सिकुड़ी हुई सी वो
मुझे नजर नहीं आई।
पर्वतों ने हड़ताल की
हवाओं के आज़ादी से
भूमंडल में बहने पर
लगे प्रतिबंधों के विरोध में,
इसके परिणामस्वरूप
खुद को खोखला
कर दिए जाने के भय से
शीश झुकाते से वो
मुझे नजर नहीं आए।
लेकिन हम इंसानों में
बहुत दुर्लभ है
विरोध की ऐसी प्रवृत्ति
खासकर तब
जब हमें हो आशंका
अपना नुकसान हो जाने की
किसी दूसरे के हित में
बोलने पर,
उसके बजाए
हम ताकतवर के समर्थन में
रख देते हैं ताक पर अक्सर
अपनी सारी समझदारी,
न्यायप्रियता, संवेदनशीलता
और बहुत बार इंसानियत भी
अपना फायदा कहीं नजर आने पर

जितेन्द्र ‘कबीर
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता- जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Lokshahi by jayshree birmi

August 22, 2021

 लोकशाही एक जमाने में पूरी दुनियां में राजा रानियों का राज था।सभी देशों में राजाओं का शासन था,और लोग उनकी

Varatika jal rahi by Anita Sharma

August 22, 2021

 *वर्तिका जल रही* नित वर्तिका है जल रही, रौनक जहां को कर रही। स्वयं को जलाये प्रतिपल दैदीप्यमान जग को

Desh hamara bharat by Indu kumari

August 22, 2021

 देश हमारा भारत भारत भूमि हमें तुमसे प्यार है  जननी हमारी हम सेवा में तैयार है शीश-मुकुट अडिग हिमालय  चरणों

Shan-a-hind by jayshree birmi

August 22, 2021

 शान ए हिंद शान हैं मेरी तू ही ओ तिरंगे जान हैं मेरी तूही ओ तिरंगे चाहे दिल मेरा तू

Khel karate Mel by Sudhir Srivastava

August 22, 2021

 खेल कराते मेल ============ राष्ट्रीय एकता की मिसाल  देखना चाहते हो तो खेल और खिलाड़ियों को देखो। देश के अलग

Mai kya likhun by Nandini laheja

August 22, 2021

मैं क्या लिखूं कभी जो मन बड़ा बेचैन हो जाताचाहता है कुछ बोलना पर कह नहीं पाताआसपास की घटनाएं करती

Leave a Comment