Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

विज्ञापन-मय भारत

 विज्ञापन-मय भारत जितेन्द्र ‘कबीर’ सरकारी अस्पतालों में पर्ची बनाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने एवं छत्तीस प्रकार के टेस्ट करवाने …


 विज्ञापन-मय भारत

जितेन्द्र 'कबीर'
जितेन्द्र ‘कबीर’

सरकारी अस्पतालों में

पर्ची बनाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने

एवं छत्तीस प्रकार के टेस्ट करवाने के लिए 

लगने वाली लम्बी -लम्बी कतारों को देखकर

इंसान बीमार होने से भी डर रहा है

और विज्ञापनों के अनुसार हमारा भारत

स्वास्थ्य-सुविधाओं के क्षेत्र में

विश्वगुरु बन रहा है।

महिलाओं एवं बच्चियों से दुष्कर्म की 

खबरों से

रोज के रोज अखबार पूरा भर रहा है

और विज्ञापनों के अनुसार हमारा भारत

एक बार फिर से रामराज्य बन रहा है।

खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर

आम आदमी की जरूरत के हर सामान का मूल्य 

बढ़ते हुए लोगों का जीना

दूभर कर रहा है 

और विज्ञापनों के अनुसार हमारा भारत

संसार का सबसे लोक-हितकारी राज्य

बन रहा है।

विज्ञान विषय को चुनने वाले छात्रों की संख्या में

आ रही है निरन्तर कमी,

तर्क एवं शोध को पीछे छोड़

युवा राग धार्मिक कट्टरता का जप रहा है

और विज्ञापनों के अनुसार हमारा भारत

विज्ञान व टैक्नोलॉजी के क्षेत्र में

आत्मनिर्भर बन रहा है।

अब तक लिखे गये समूचे इतिहास को 

खारिज करके 

फिल्मों, वाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब के जरिए

इतिहास की पीएचडी करने वालों का आंकड़ा

बढ़ रहा है

और विज्ञापनों के अनुसार हमारा भारत

समूचे विश्व के लिए ज्ञान का स्त्रोत

बन रहा है।

                                      जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम- जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति- अध्यापक

पता- जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

जीवनपथ – भारती चौधरी

November 7, 2021

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध

बादल – चन्दा नीता रावत

November 7, 2021

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

November 7, 2021

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन

जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट

Leave a Comment