Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

विज्ञान सर्वत्र पूज्यते

विज्ञान सर्वत्र पूज्यते विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूरे विश्व में पूजनीय है – देश की गौरवपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियों को रेखांकित करना …


विज्ञान सर्वत्र पूज्यते

विज्ञान सर्वत्र पूज्यते

विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूरे विश्व में पूजनीय है – देश की गौरवपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियों को रेखांकित करना ज़रूरी

आजादी का अमृत महोत्सव देश की वैज्ञानिक विरासत और प्रौद्योगिकी कौशल को प्रदर्शित करने का सराहनीय प्रयास है – एड किशन भावनानी

गोंदिया – भारतीय स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का उत्सव पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। हम अगर पिछले वर्ष 15 अगस्त 2021 से देखें तो वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव मनाने और भविष्य में विज्ञान व प्रौद्योगिकी की भूमिका तय करने के उद्देश्य से पूरे देश में गौरवशाली सप्ताह मनानें सहित हर क्षेत्र में अलग -अलग मंत्रालयों, शासकीय, प्रशासकीय स्तरपर एक जोश- ए-जश्न मनाया जा रहा है, जिसके आधार पर हमारे ड्रीम विज़न 2047, 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था, नया भारत इत्यादि के लक्ष्योंको प्राप्त करने व वैश्विक स्तरपर भारत का आगाज़ और प्रतिष्ठा में चार चांद लगने लगे हैं!! जैसा कि हम मीडिया द्वारा देख सुन रहे हैं कि पूरे विश्व की नजरें आज भारत की ओर देख रही है कि कोरोना महामारी के दौर में भी महामारी को मात देते हुए कैसे! भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है!!!
साथियों बात अगर हम गौरवशाली सप्ताह विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मनाने की करें तो आने वाली 28 फरवरी 2022 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस है, जिसकी शुरुआत आज 22 फ़रवरी 2022 को विज्ञान सर्वत्र पूज्यते से गौरवशाली सप्ताह के रूप में शुरू की गई है!! यह सच है कि आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी की बदौलत ही हम इस डिजिटल और नए भारत के मुहाने पर खड़े हैं और हमारे महीनों के काम दिनों में और दिनों के काम घर बैठे सेकंडों में हो रहे हैं!! यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी का कमाल नहीं तो क्या है!!इसलिए ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूरे विश्व में पूजनीय है!!!
साथियों बात अगर हम दिनांक 22 से 28 फ़रवरी 2022 तक आयोजित इस विज्ञान और प्रौद्योगिकी मेगा एक्सपो, राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तक मेला और विज्ञान साहित्य उत्सव की करें तो पीआईबी के अनुसार, विज्ञान के इस महोत्सव के हिस्से के रूप में देशभर में कुल 75 विज्ञान प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएंगी। इसी के साथ-साथ 75 विज्ञान आधारित व्याख्यान, 75 विज्ञानफिल्मों की स्क्रीनिंग, 75 रेडियो वार्ता प्रसारण, 75 विज्ञान पुस्तकक मेले,75 पोस्टर प्रस्तुति और 75 विज्ञान साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन इस महोत्सव का हिस्सा है। हाइब्रिड मोड में आयोजित होने वाले इन आयोजनों में 75 पुरस्कार भी शामिल हैं। इसके लिए 75 स्थानों और संबंधित भागीदार संगठनों की पहचान की गई है ताकि यह कार्यक्रम स्थानीय भारतीय भाषाओं (अंग्रेजी और हिंदी के अलावा) में संचालित किए जा सकें। सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा एक साथ 75 स्थानों – उत्तर में लेह एवं श्रीनगर से लेकर दक्षिण में पोर्ट ब्लेयर एवं लक्षद्वीप के कवरत्ती, पश्चिम में दमन एवं अहमदाबाद से लेकर पूरब में ईटानगर, कोहिमा, आइज़ॉल में किया जाएगा।
इस असाधारण कार्यक्रम में 22 से 28 फ़रवरी तक दिल्ली में आयोजित होने वाला एक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मेगा एक्सपो, एक राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तक मेला और एक विज्ञान साहित्य उत्सव शामिल होगा, जो विज्ञान लेखकों, संचारकों, कलाकारों, कवियों, नाटककारों, नुक्कड़ नाटक कलाकारों, विज्ञान गतिविधियाँ प्रदर्शित करने वाले लोगों, पत्रकारों, छात्रों और शिक्षकों को एक साथ लेकर आएगा। साहित्य उत्सव का उद्देश्य रंगमंच, कविताओं, कठपुतली शो और परछायी के माध्यम से प्रदर्शन सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विभिन्न लोक रूपों के माध्यम से विज्ञान का संचार करना है।
यह देश के सभी 75 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा, विशेष रूप से युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम, निबंध, पोस्टर और कविता प्रतियोगिता सहित अन्य कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं और सभी 75 स्थानों पर विभिन्न विज्ञान गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल वैज्ञानिक गतिविधियाँ युवा शिक्षार्थियों को विज्ञान के सिद्धांत सिखाने और विज्ञान से जुड़ने के लिए प्रेरित करने में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।
यह चार खंडों में विभाजित हैं, पहला खंड विज्ञान व प्रौद्योगिकी इतिहास के 75 केंद्र बिंदु है। जो राष्ट्र निर्माण में आधुनिक विज्ञान के संस्थापकों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के योगदान को रेखांकित करेगा। इसमें 75 वैज्ञानिकों पर 75 फिल्मों की स्क्रीनिंग और 75 स्थानों पर प्रख्यात वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के 75 व्याख्यान शामिल होंगे।दूसरा खंड आधुनिक विज्ञान व प्रौद्योगिकी के मील के पत्थर है। इसमें उन प्रमुख खोजों, नवाचारों या आविष्कारों को उजागर किया जाएगा, जिन्होंने वैश्विक विज्ञान या भारत के विकास की कहानी में एक छाप छोड़ी है।तीसरा खंड स्वदेशी पारंपरिक आविष्कार और नवाचार है। इसमें ऐसे 75 आविष्कारों या प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसने भारत को पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के भंडार पर आधारित आधुनिक नवाचारों और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद की। जड़ी बूटियों से दवाओं का निर्माण इस कड़ी का एक उदाहरण कहा जा सकता है।चौथा खंड ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (बदलता भारत) के अंतर्गत भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अगले 25 वर्षों के लिए आगे की राह पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें भारत और प्रवासी भारतीयों के 75 प्रख्यात वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविद अपनी बात रखेंगे।
विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ के तहत माय गोव के सहयोग से निबंध लेखन, नारा लेखन, कविता लेखन, पोस्टर और लघु फिल्म से जुड़ी प्रतियोगिता के साथ-साथ ऑनलाइन विज्ञान प्रौद्योगिकी प्रश्नोत्तरी जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में देश भर से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया है। 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर प्रदान किए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कारों के साथ-साथ इन प्रतियोगिताओं में शामिल प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। ‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ से संबंधित विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।
विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ कार्यक्रम कश्मीरी, डोगरी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलुगु, उड़िया, बंगाली, असमिया, नेपाली, मैथिली और मणिपुरी सहित विभिन्न स्थानीय भाषाओं में आयोजित किया जाएगा और इसमें 75 फिल्मों की स्क्रीनिंग शामिल होगी। डीडी नेशनल और संसद टीवी महोत्सव के हर दिन दो घंटे का विशेष कार्यक्रम और आकाशवाणी एक घंटे का कार्यक्रम प्रसारित करेगा।इसके अलावा, दिल्ली में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह के साथ-साथ देश के 75 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होने वाले विभिन्न आयोजनों की एक साथ लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विज्ञान सर्वत्र पूज्यते विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूरे विश्व में पूजनीय है। देश की गौरवपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियों को रेखांकित करना अत्यंत ज़रूरी है।आजादी का अमृत महोत्सव देश की वैज्ञानिक विरासत और प्रौद्योगिकी कौशल को प्रदर्शित करने का सराहनीय प्रयास है।

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ,स्तंभकार 

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

हास्य कविता-ज़मीन के रिकॉर्ड में घालमेल करवाता हूं

November 19, 2022

हास्य कविता-ज़मीन के रिकॉर्ड में घालमेल करवाता हूं जमीन से शासन को चुना लगाने माहिर हूं शासन या रेल्वे में

व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है| meri upar tak pahunch hai

November 19, 2022

व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है अच्छों अच्छों को अपने झांसे में लाता हूं जो सियानें बनते हैं उनको ठगियाता

भारत के लिए G-20: ग्लोबल साउथ का नेतृत्व संभालने का अवसर| G-20 for India: An Opportunity for Leaders of the Global South

November 19, 2022

भारत के लिए G-20: ग्लोबल साउथ का नेतृत्व संभालने का अवसर भारत के लिए G-20 की अध्यक्षता ग्लोबल साउथ का

भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता/The need for massive modernization of the Indian Armed Forces

November 17, 2022

भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता भारत के पास रक्षा उपकरणों के विनिर्माण के लिये एक

पर्यावरण को बचाने के लिए पंचामृत मंत्र

November 16, 2022

  भारत ने अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूत प्रगति की है और बढ़ती महत्वाकांक्षा और कम कार्बन वाले भविष्य की

G-20 -one world one family

November 16, 2022

भारत के विकास की नई गाथा भारत के विकास की नई गाथा में आधुनिक बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ आम

Leave a Comment