Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

विजयादशम्याः पर्वणः भवतां भवतीनां च सर्वेषां कृते हार्दिक्यः शुभकामनाः

विजयादशम्याः पर्वणः भवतां भवतीनां च सर्वेषां कृते हार्दिक्यः शुभकामनाः विजयादशमी का पर्व वीरता का पूजन एवं शौर्य का उपासक रहा …


विजयादशम्याः पर्वणः भवतां भवतीनां च सर्वेषां कृते हार्दिक्यः शुभकामनाः

विजयादशम्याः पर्वणः भवतां भवतीनां च सर्वेषां कृते हार्दिक्यः शुभकामनाः

विजयादशमी का पर्व वीरता का पूजन एवं शौर्य का उपासक रहा है

आओ भ्रष्टाचार और मानवीय विकारों पर विजय प्राप्त करने का संकल्प करें 

 मान्यताओं के अनुसार दशहरा जीत के सात विजय आयामों का जश्न है जिसका सार बुराई पर अच्छाई की जीत है – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया 

 ब्रह्मांड के धरातल पर सारी पृथ्वी में भारत एक ऐसा देश है जहां 12 महीने उत्सव की धूम रहती है जनवरी नववर्ष से लेकर वर्ष के अंतिम दिन तक अनेक प्रकार के धार्मिक सामाजिक सांस्कृतिक मेले उत्सव मनाए जाते हैं आध्यात्मिक और मान्यताओं का तो भारत गढ़ रहा है, इसलिए कहते हैं जहां धार्मिकता की अधिक खनक होती है वहां असुर शक्तियां दैत्य विघ्नकर्ता उन शुभ कार्यों में विघ्न डालने जरूर आते हैं क्योंकि विघ्न डालना ही उनका धर्म है और जबजब विघ्नकर्ताओं का आगमन हुआ है, तबतब विघ्नहर्ताओं का भी जन्म हुआ है,जिनमें राम, कृष्ण मां दुर्गा मां काली सहित अनेक देवी देवता प्रत्यक्ष प्रमाण है।चुंकि 5 अक्टूबर 2022 को दशहरा याने विजयदशमी है, जिसे कहने को तो हम सिर्फ भगवान राम द्वारा रावण का वध करने को लेकर मनातें है परंतु आज हम जानेंगे कि इस विजयादशमी से जुड़ी सात अलग-अलग गाथाएं हैं जिनमें सत्य पर असत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत है। विजयादशमी पर्व भारत के प्रमुख राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। यह पर्व सनातन काल से मनाया जाता रहा है इस पर्व का मुख्य उद्देश्य सच्चाई की विजय के प्रतीक के रूप में जनमानस तक पहुंचाना है। यह पर्व सुख शांति,पाप का नाश करने वाला, काम क्रोध मोह से बचाने वाला, साहस शौर्य देने वाला, खुद पर विजय प्राप्त करने वाला पर्व है।
प्राचीन काल में अनेक राजाओं द्वारा युद्ध की शुरुआत इसी दिन किया करते थे। रावण दहन इस पर्व की मुख्य पहचान है यह बुराइयों का प्रतीक है जिसका अंत निश्चित ही होता है । इस पर्व में ही संदेश छिपा हुआ। वैसे यह वर्ष में तीन सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में से एक मुहूर्त है शस्त्र पूजा इस पर्व की एक और खासियत है। आज यह पर्व ना केवल भारत अपितु संपूर्ण विश्व में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से भ्रष्टाचार और मानवीय विकारों पर विजय प्राप्त करने के संकल्प विजयादशमी पर करने से के संबंध में चर्चा करेंगे।
साथियों बात अगर हम विजयादशमी याने दशहरा मनाने की करें तो हमें इसके बारे में जानकारी, उसकी उत्पत्ति धार्मिक महत्व और इसे मनाने के तरीकों के बारे में जानना जरूरी है हालांकि अनेक लोग इस पर्व को केवल राम द्वारा रावण का वध करने के संदर्भ में लेते हैं परंतु इस दिवस के पीछे कुल 7 मान्यताएं हैं। दशहरा का पर्व प्राचीनकाल से ही मनाया जा रहा है। परंपरा के अनुसार कालांतर में इसे मनाने के स्वरूप बदलता रहा है। इस दिन का बहुत महत्व माना गया है।(1) इस दिन माता कात्यायनी दुर्गा ने देवताओं के अनुरोध पर महिषासुर का वध किया था तब इसी दिन विजय उत्सव मनाया गया था। इसी के कारण इसे विजयादशमी कहा जाने लगा। विजया माता का एक नाम है। यह पर्व प्रभु श्रीराम के काल में भी मनाया जाता था और श्रीकृष्‍ण के काल में भी।(2) वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम ने ऋष्यमूक पर्वत पर आश्‍विन प्रतिपदा से नवमी तक आदिशक्ति की उपासना की थी। इसके बाद भगवान श्रीराम इसी दिन किष्किंधा से लंका के लिए रवाना हुए थे। यह भी कहा जाता है कि रावण वध के कारण दशहरा मनाया जाता है। दशमी को श्रीराम ने रावण का वध किया था।(3)यह भी कहा जाता है कि इसी दिन पांडवों को वनवास हुआ था और वे वनवास के लिए प्रस्थान कर गए थे। इसी दिन अज्ञातवास समाप्त होते ही, पांडवों ने शक्तिपूजन कर शमी के वृक्ष में रखे अपने शस्त्र पुनः हाथों में लिए एवं विराट की गाएं चुराने वाली कौरव सेना पर आक्रमण कर विजय प्राप्त की थी। इसी दिन पांडवों ने कौरवों पर भी विजय प्राप्त की थी।(4) यह भी कहा जाता है कि इसी दिन भगवान शिव की पत्नी देवी सती अपने पिता दक्ष के यज्ञ की अग्नि में समा गई थीं।(5)कुछ लोगों के अनुसार इस दिन से वर्षा ऋ‍तु की समाप्ति के साथ ही चातुर्मास भी समाप्त हो जाता है। हालांकि चतुर्मास देव उठनी एकादशी पर समाप्त होता है।(6)कृषि वैसे देखा जाए, तो यह त्योहार प्राचीन काल से चला आ रहा है। आरंभ में यह एक कृषि संबंधीलोकोत्सव था। वर्षा ऋतु में बोई गई धान की पहली फसल जब किसान घर में लाते, तब यह उत्सव मनाते थे। इस दिन से वर्षा ऋ‍तु की समाप्ति के साथ ही चातुर्मास भी समाप्त हो जाता है। वर्षा ऋतु में बोई गई धान की पहली फसल जबकिसान घर में लाते, तब यह उत्सव मनाते थे।(7) माना जाता है कि दशहरे के दिन कुबेर ने राजा रघु को स्वर्ण मुद्रा देते हुए शमी कीपत्तियों को सोने का बना दिया था, तभी से शमी को सोना देने वाला पेड़ माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि एक ब्राह्मण ने एक राजा से दक्षिणा में 1 लाख स्वर्ण मुद्राएं मांग ली थी तो चिंतित राजा ने एक दिन की मौहलत मांगी। राजा को सपने में भगवान ने दर्शन देककर कहा कि शमी के पत्ते लेकर आओ मैं उसे स्वर्ण मुद्रा में बदल दूंगा। यह सपना देखते ही राजा की नींद खुल गई। उसने उठकर शमी के पत्ते लाने के लिए अपने सेवकों को साथ लिया और सुबह तक शमी के पत्ते एकत्रित कर लिए। तभी चमत्कार हुआ और सभी शमी के पत्ते स्वर्ण में बदल गए। तभी से इसी दिन शमी की पूजा का प्रचलन भी प्रारंभ हो गया।
साथियों बात अगर हम विजयदशमी को भारत में प्रमुख राष्ट्रीय पर्वों में से एक भी करें तो, यह पर्व सनातन काल से मनाया जाता रहा है इस पर्व का मुख्य उद्देश्य सच्चाई की विजय के प्रतीक के रूप में जनमानस तक पहुंचाना है। यह पर्व सुख शांति, पाप का नाश करने वाला, काम क्रोध मोह से बचाने वाला, साहस शौर्य देने वाला, खुद पर विजय प्राप्त करने वाला पर्व है। प्राचीन काल में अनेक राजाओं द्वारा युद्ध की शुरुआत इसी दिन किया करते थे। रावण दहन इस पर्व की मुख्य पहचान है यह बुराइयों का प्रतीक है जिसका अंत निश्चित ही होता है । इस पर्व में ही संदेश छिपा हुआ। वैसे यह वर्ष में तीन सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में से एक मुहूर्त है शस्त्र पूजा इस पर्व की एक और खासियत है। आज यह पर्व ना केवल भारत अपितु संपूर्ण विश्व में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है।
साथियों बात अगर हम इस पर्व से युवाओं को कुछ सीखने की करें तो, दशहरें में रावण के दस सिर काम क्रोध, लोभ मोह हिंसा आलस्य झूठ अहंकार मद और चोरी को दस पापों का सूचक माना जाता है। इन सभी पापों से हम किसी न किसी रूप में मुक्ति चाहते हैं और इस आशा में प्रतिवर्ष रावण का पुतला बड़े से बड़ा बना कर जलाते हैं ताकि हमारी सारी बुराइयाँ भी इस पुतले के साथ अग्नि में भष्म हो जाये। हमारा देश भारत युवाओं का देश है और युवा ही भारत का भविष्य हैं,अगर युवा पीढ़ी अपनी सोच में बदलाव लाएगी तो समाज में बुराई का असुर रावण पूर्ण रूप से समाप्त हो जायेगा। दशहरे के त्योहार के प्रति आदर,सम्मान व प्यार को रखते हुए,हम अपने जीवन को अच्छा बनाने कि ओर अग्रसर करेंगे। हमें स्वंय को बदलना है किसी ओर को नहीं क्योकि हमारे अंदर आया बदलाव ही हमारे अन्दर का रावण का अंत करना है। इसी उद्देश्य को लेकर भारत में दशहरे का असली महत्व और अर्थ समझा जा सकता है। विजय का प्रतीक विजयदशमी का पावन पर्व
साथियों बात अगर हम विजयादशमी को विजय का पर्व मानने की करें तो, विजयादशमी अधर्म पर धर्म की विजय, असत्य पर सत्य की विजय, बुराई पर अच्छाई की विजय, पाप पर पुण्य की विजय, अत्याचार पर सदाचार की विजय, क्रोध पर दया क्षमा की विजय, रावण पर श्रीराम की विजय के प्रतीक का पावन पर्व है। वैदिक काल से भारतीय संस्कृति में विजयदशमी का पर्व वीरता का पूजक एवं शौर्य की उपासक रहा है। हमारी संस्कृति कि गाथा इतनी निराली है कि देश के अलावा विदेशों में भी इसकी गुंज सुनाई देती है इसीलिए भारत को विश्व गुरु के रूप में माना है। अतःअगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विजयदशमी का पर्व वीरता का पूजन एवं शौर्य का उपासक रहा है। आओ भ्रष्टाचार और मान वीय विकारों पर विजय प्राप्त करने का संकल्प विजयदशमी पर करें मान्यताओं के अनुसार दशहरा जीत के 7 विजय आयामों का जश्न है जिसका सार बुराई परअच्छाई की जीत है।

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

Pita par kavita | kavita:pita ek ummid ek aas hai

May 18, 2023

पिता एक उम्मीद एक आस है पिता ज़मीर पिता जागीर है पिता ईश्वर अल्लाह का ही एक रूप है जिसके

International family day 15 may 2023

May 16, 2023

अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस 15 मई 2023 भारत में शिद्दत और सम्मान से मनाया गया विश्व में भारतीय परिवार जितनी पवित्रता,

गर्मी: आया मौसम हिट स्ट्रोक का

May 16, 2023

गर्मी: आया मौसम हिट स्ट्रोक का  गर्मी के मौसम में सामान्य रूप से गर्मी बढ़ जाती है। जिसके कारण आदमी

राजनीति का टर्निंग प्वाइंट| Turning point of politics

May 16, 2023

राजनीति का टर्निंग प्वाइंट सेवा और कल्याण की राजनीति से मिलता है वोट , पर्सेंट पोस्टर बैनर लगाने से नहीं?

एक्साइटिंग सेक्सलाइफ के लिए इन बातों का रखें ध्यान|

May 16, 2023

एक्साइटिंग सेक्सलाइफ के लिए इन बातों का रखें ध्यान हर कपल अपनी सेक्सलाइफ को श्रेष्ठ बनाने के लिए कुछ न

आखिरी खत : खन्ना के स्टारडम का पहला पत्र

May 14, 2023

सुपरहिट:आखिरी खत : खन्ना के स्टारडम का पहला पत्र राजेश खन्ना की फिल्मों की बात की जाती है तो सामान्य

PreviousNext

Leave a Comment