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Gurudeen Verma, poem

वह देश हिंदुस्तान है | vah desh hindustan hai

शीर्षक – वह देश हिंदुस्तान है जहाँ मिलता है सम्मान सभी को,वह देश हिंदुस्तान है।आदर है जहाँ सभी धर्मों का, …


शीर्षक – वह देश हिंदुस्तान है

जहाँ मिलता है सम्मान सभी को,वह देश हिंदुस्तान है।
आदर है जहाँ सभी धर्मों का, वह देश हिंदुस्तान है।।
जहाँ मिलता है सम्मान—————-।।

खुद को कहता हूँ खुशनसीब, यहाँ पर जो मैंने जन्म लिया।
नहीं मुझको पराया समझा गया, सबने मुझको यहाँ प्यार दिया।।
जहाँ मिलती है सबको शरण, वह देश हिंदुस्तान है।
आदर है जहाँ सभी धर्मों का, वह देश हिंदुस्तान है।।
जहाँ मिलता है सम्मान—————–।।

हिंदू-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई, इस भूमि पर आबाद है।
अपनी इच्छा से ईश पूजा को, यहाँ सभी आज़ाद है।।
भाईचारा जहाँ है धर्मों में, वह देश हिंदुस्तान है।
आदर है जहाँ सभी धर्मों का, वह देश हिंदुस्तान है।।
जहाँ मिलता है सम्मान—————-।।

जहाँ देवी समझकर नारी को, इज्जत से पूजा जाता है।
नहीं भेदभाव नर-नारी में, ऐसा यहाँ देखा जाता है।।
जो कहलाता है विश्वगुरु, वह देश हिंदुस्तान है।
आदर है जहाँ सभी धर्मों का, वह देश हिंदुस्तान है।।
जहाँ मिलता है सम्मान—————–।।

About author 

Gurudeen verma
शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)


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