Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

वर्षा ऋतु !

वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और …


वर्षा ऋतु !

डॉ. माध्वी बोरसे!
डॉ. माध्वी बोरसे!

ढेर सारी खुशियों की बौछार,
सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,
पशु पक्षियों और बच्चे,
किसानों के खेत, खलियान और फसलें,
इस ऋतु में मेहक उठता है वातावरण,
वर्षा होने से सभी के मन में उठता है हर्षोल्लास और आनंद !

चारों ओर वातावरण हराभरा हो जाता,
नीले बादलों में इन्द्रधनुष दिखाई देता,
सुहाने मौसम में पक्षियों की उड़ान,
चहचहाने की आवाज सुंदर सा आसमान!

हरियाली छाए, फूलों का खिलना
कोयल गाए, मोर का नाचना,
रंग बिरंगे छाते,
छोटे बच्चे कागजी नाव बनाते,
भुट्टो का भीगते हुए खाना,
मजे से बारिश में भीगना!

काले बादल जोरो से गढ़-गड़ाए,
ठंडी ठंडी चले हवाएं,
कितना रोमांचक है यह मौसम,
चमक उठता है सुंदर उपवन,
रिमझिम रिमझिम वर्षा आए,
चलो इस ऋतु का लुफ्त उठाएं,
हमारे मन को प्रसन्नचित्त कर जाए,
प्रकृति की तरह हम भी खुलकर मुस्कुराए!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

कविता-सूखा पेड़ | sukha ped

December 30, 2023

कविता-सूखा पेड़ सूखे पेड़ को भी हराभरा होने की आश हैजैसे किसी प्यासे को पानी की प्यास हैदूसरे हरेभरे वृक्ष

First women IPS अधिकारी किरण बेदी जी ने किया टेड एक्स स्पीकर माधवी बोरसे सिंह इंसा को सम्मानित।

November 26, 2023

प्रथम महिला IPS अधिकारी किरण बेदी जी ने किया टेड एक्स स्पीकर माधवी बोरसे सिंह इंसा को सम्मानित। हाल ही

कविता – तितली | kavita Titli

November 26, 2023

कविता :तितली | kavita – Titli  आसमान है रंग-बिरंगीरातों की झिलमिल-झिलमिलऔ तारों की चमक सुनहलीतितली के पंखों – सी उड़ी

कविता –औरत संघर्ष

November 14, 2023

कविता –औरत संघर्ष मेरी दोस्त! जब मैंने तुम्हें पढा़,तब मुझे एक जीवंत स्त्रीत्व का बीता हुआ कल स्मरण हो आया..राजनीतिक

कविता: दिवाली | kavita Diwali

November 13, 2023

कविता: दिवाली सुनो दिकु…अंतर्मन का अँधेरा मिट जाएगातुम्हारे आने से दिल का दीप जल जाएगा धरा होगी नर्म-सी शीतलइश्क में

देश की राजनीति और राजनीति का देश

November 12, 2023

“देश की राजनीति & राजनीति का देश “ सचमुच! यह तो ‘भारत’ हैभारत! हाँ, वही भारत, जहाँ चाणक्य थे। चाणक्य?

PreviousNext

Leave a Comment