वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल
वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal
वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी …
Related Posts
मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप/maa -lakshmi-ke-aath-swaroop
October 23, 2022
दीपावली महोत्सव 2022 मां लक्ष्मी पूजा के उपलक्ष में मां लक्ष्मी के श्रीचरणों में समर्पित यह मेरी कविता कविता–मां लक्ष्मी
कविता-हमें लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली/Loktantra par kavita
October 22, 2022
कविता-हमें लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली अहिंसात्मक सोच सच्चे उपयोग की
प्रकाश पर्व दीपावली की बधाईयां/Deepawali par kavita
October 22, 2022
कविता -प्रकाश पर्व दीपावली की बधाईयां प्रकाश पर्व दीपावली की बधाई पारंपरिक हर्ष और उत्साह लेकर आई राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने
इस धरा पर…. ” (कविता…)
October 19, 2022
नन्हीं कड़ी में…. आज की बात “इस धरा पर…. ” (कविता…) सूरज की पहली किरण से,जैसे जगमग होता ये संसार।दीपों
ये ना समझो पाठकों
October 19, 2022
अरे ! लोग कहते जख़्मी दिल जिसकावही तो दर्द-ए शायर/शायरा होता है।।ज़ख़्मी दिल रोए उसका ज़ार-ज़ार जबतब कलम का हर
धनतेरस के दिन मैंने अपनी मां को खोया
October 19, 2022
धनतेरस 2020 के दिन मैं अपनी मां के साथ बैठा था अचानक उसे साइलेंट अटैक आया और मेरी नजरों के
