वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल
वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal
वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी …
Related Posts
Sharad purinima by Dr. indu kumari
October 23, 2021
शीर्षक–शरद पूर्णिंमा पूनम की रात आई प्रेम की बरसात लाई राधा संग मिल गोपियां कान्हा संग रास रचाई धरा अनुपम
Dhwaj trivarn hai chhane ko by Arun kumar sukla
October 23, 2021
ध्वज त्रिवर्ण है छाने को, है उठी लालिमा पूरब से, नभ केसरिया कर जाने को। यह क्षण है दिग नभमण्डल
Naari by Jay shree birmi
October 23, 2021
नारी नारी हूं मैं,बुराइयों पर भारी हूं मैं मोम सी हूं मैं सच्चाई पर भीतर से कड़ी हूं पत्थर
Bahte rahte nayan by Shyam sunder tiwari
October 23, 2021
गीत बहते रहते नयन ————————- बहते रहते नयन गाँव की नदिया सूखी है।। बिलो रहे नवनीत उन्हीं की रोटी रूखी
Maa katyayni by Sudhir Srivastava
October 23, 2021
माँ कात्यायनी महर्षि कात्यायन की कन्या माँ कात्यायनी कहलाती, माँ के षष्टम स्वरूप में जग में पूजी जाती। स्वर्ण सदृश्य
Vijay abhi tak apurn hai by Jitendra Kabir
October 23, 2021
विजय अभी तक अपूर्ण है हजारों वर्ष पूर्व भगवान राम की पापी रावण को मारकर प्राप्त की गई विजय अभी
