Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal

 वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल  वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी …


 वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल 

वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख
कलम संग दुनिया भटक ही जाती है
तिलस्मी भरे ये वर्ण से बने शब्द देख
कलम सोच में कितना पड़ जाती है।।
वर्ण जोड़ कलम जो शब्द सजाती है
एक शब्द के अनेक अर्थ कलम पाती है।।
दिल , हृदय , जिगर , कलेजा शब्द पढ़
मेरी कलम सोच में उलझ ही जाती है।।
दिल लिखती तो प्रेम भाव 
हृदय लिखे तो ममता को पाओ
जिगर , कलेजा दर्द का अर्थ पढ़ जाओ
हर शब्द का अलग-अलग भाव देख कर
कलम सद्बुद्धि से खुद को खूब चलाती है।।
वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख
कलम संग दुनिया भटक ही जाती है
तिलस्मी भरे ये वर्ण से बने शब्द देख
कलम सोच में कितना पड़ जाती है।।
हल शब्द के भी सोच दो अर्थ बताती है
अंकशास्त्र , किसान से इनका संबंध
अलग-अलग व्यथा कलम दर्शाती है
हल से अंकशास्त्र दुनिया सुलझा पाती है।
हल इस्तेमाल से धरती सबकी भूख मिटाती है।।
वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख
कलम संग दुनिया भटक ही जाती है
तिलस्मी भरे ये वर्ण से बने शब्द देख
कलम सोच में कितना पड़ जाती है।।

About author 

Veena adwani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

सच्चाई सामने जरूर आएगी-जितेन्द्र ‘कबीर’

November 30, 2021

सच्चाई सामने जरूर आएगी नुकसान होगा,सोचकर जो तुमनेकदम खींच लिए अपनेसच्चाई की राह सेतो आस्था तुम्हारी सच्चाई परकभी सच्ची न

संविधान दिवस विशेष- सुधीर श्रीवास्तव

November 30, 2021

 व्यंग्य संविधान दिवस आइए ! मौका भी है दस्तूर भी हैहमारे मन भरा फितूर जो है,आज भी हमसंविधान संविधान खेलते

संविधान, भारत का परिचय-डॉ. माध्वी बोरसे

November 27, 2021

 संविधान, भारत का परिचय! भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया, संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया, डॉ.

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 मौत से इतना डर क्यों? अब तक ज्यादातर मौत को  बताया जाता रहा है भयानक और जीवन को सुंदर, लेकिन

लोकतंत्र पर उल्लू हंसता- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 लोकतंत्र पर उल्लू हंसता कोई चैनल खोल के देखो, बड़े-बड़े दिग्गज लगते हैं, मानो उनका ज्ञान आंकना, जनता को बहुत

प्रधानमंत्री ( एक व्यक्तित्व )-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व ) मोदी जी पर कविता लिखना, बहुत सरल है सरलता उनकी, बाल काल से कर्मयोगी बन

Leave a Comment