Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

वक्त तो सबका आता है

वक्त तो सबका आता है! वक्त तो सबका आता है, बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,पर कोई बिखर जाता …


वक्त तो सबका आता है!

वक्त तो सबका आता है
वक्त तो सबका आता है,

बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,
पर कोई बिखर जाता है,
तो कोई निखर जाता है,
कोई बिगड़ जाता है,
तो कोई सुधर जाता है,
कोई दर्द मैं रोता है,
तो कोई हंसता और हसाता है,
कोई रुक जाता है,
तो कोई चलता चला जाता है,
कोई भूत में उलझा रहता है,
कोई भविष्य बनाता है,
कोई अंधेरे में खो जाता है,
कोई सितारों की तरह जगमगाता है,
कोई नासमझ बनता है,
तो कोई समझदार बन जाता है,
कोई अपने बीते हुए वक्त को भूल नहीं पाता है,
कोई आने वाले कल के लिए योजना बनाता है,
वक्त तो सबका आता है,
बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,
पर कोई बिखर जाता है,
तो कोई निखर जाता है!

डॉ. माध्वी बोरसे!
रावतभाटा (कोटा) राजस्थान !
( स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

कोई क्या कर पाएगा?

June 24, 2022

 कोई क्या कर पाएगा? जितेन्द्र ‘कबीर’ बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या

दुनियादारी

June 24, 2022

 दुनियादारी जितेन्द्र ‘कबीर’ बड़े खुश थे सभी चुप रहा करते थे जब तक, जरा सी जुबान जो खोली तो शिकवे

लूट मची है लूट

June 24, 2022

 लूट मची है लूट जितेन्द्र ‘कबीर’ शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जो छोटे-बड़े ‘कुकुरमुत्ते’ उग आए हैं अवसर पाकर,

शक्ति का झूठा दंभ

June 24, 2022

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या

यह कैसा समाज?

June 24, 2022

 यह कैसा समाज? जितेन्द्र ‘कबीर’ हत्यारों से.. पशुओं को बचाने की खातिर रक्षक दल हमने लिए बनाए, मगर अफसोस दरिंदों

कैसे एतबार करें किसी का

June 24, 2022

 कैसे एतबार करें किसी का जितेन्द्र ‘कबीर’ हर इंसान खुद को सच्चा बताता है यहां, एतबार कर लें  कैसे हम

PreviousNext

Leave a Comment