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वंदे मातरम – देश अपने अगले 25 वर्ष की नई यात्रा शुरू कर रहा है

भारतस्वतन्त्रतादिनम् ‘अगस्त’-मासस्य पञ्चदशे (१५/८) दिनाङ्के राष्ट्रियोत्सवत्वेन आभारते आचर्यते  वंदे मातरम – देश अपने अगले 25 वर्ष की नई यात्रा शुरू …


भारतस्वतन्त्रतादिनम् ‘अगस्त’-मासस्य पञ्चदशे (१५/८) दिनाङ्के राष्ट्रियोत्सवत्वेन आभारते आचर्यते

 वंदे मातरम – देश अपने अगले 25 वर्ष की नई यात्रा शुरू कर रहा है 

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा 

75 वें अमृत महोत्सव अभियान का जोरदार आगाज़ – हर भारतीय देश भक्ति के रंग में रंगा – एडवोकेट किशन भावनानी

 – भारत में पिछले एक वर्ष से 75 वें अमृत जयंती महोत्सव जब देश अपने अगले 25 वर्षों की नई यात्रा शुरू कर रहा है तब जिला स्तर से शासन प्रशासन और ग्राम पंचायत स्तर से केंद्र राज्य स्तर के मंत्रालयों तक बड़े ज़ज्बे और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। अब इसपर सोने पे सुहागा हर घर तिरंगा दिनांक 13 से15 अगस्त 2022 का महोत्सव हर भारतीय नागरिक के हृदय की गहराइयों तक राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति के रंगों में रंगा देश के बच्चे बच्चे को तिरंगे का सम्मान समझ में आएगा। भारत ही नहीं वैश्विक स्तरपर इस भारतीय अनोखे महोत्सव पर टकटकी लगा लगाए बैठे हैं जो भारतीय इतिहास में कभी नहीं हुआ!! पंचायत स्तर से इस महोत्सव अभियान में जनभागीदारी की संख्या बढ़ती जा रही है थीम, तैयारियां, मौसम का अंदाज़, झंडा वितरण इत्यादि अनेक तैयारियां विभागों संभागों संस्थाओं की भागीदारी पूरे जोश उत्साह उमंग के साथ की जा रही है। 

साथियों बात अगर हम सभमें उमंग के विषय घर-घर तिरंगा के नियमों की करें तो इसके लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया कर सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय झंडा संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है। पत्र के मुताबिक, भारतीय झंडा संहिता, 2002 में 20 जुलाई, 2022 के एक आदेश के जरिये संशोधन किया गया है और अब भारतीय झंडा संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (11) को अब इस तरह पढ़ा जाएगा, ‘जहां झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है। 

साथियों जबकि इससे पहले तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की इजाजत थी। पहले मशीन से बने और पॉलिएस्टर से बने झंडे को फहराने की अनुमति नहीं थी। बदलाव के बाद ‘हाथ से काटा या हाथ से बुना हुआ या फिर मशीन से बना राष्ट्रीय ध्वज, यह कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/ रेशमी खादी से बना भी हो सकता है। यहां रेखांकित करने वाली बात यह है कि घरों पर तिरंगा फहराने की अनुमति 2004 से मिली, क्योंकि इसके पहले घरों पर भी तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं थी, इसके पहले तक केवल सरकारी ऑफिस और शिक्षण संस्थान आदि ही तिरंगा लगा सकते थें। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका के बाद से लोग अपने घरों पर भी तिरंगा लगा सकते हैं। 

साथियों बात अगर हम हर घर तिरंगा फहराने की करें तो माननीय पीएम के आग्रह पर पूरा देश 2 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में हिस्सा ले रहा है। पीएम ने इसके लिए पूरे देश से आग्रह किया है कि इस दौरान लोग अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नेशनल फ्लैग की प्रोफाइल फोटो लगा लें, इसी के साथ उन्होंने लोगोंसे 13  से 15 अगस्त तक ऑफिस और घरों में तिरंगा फहराने को भी कहा है। 

साथियों बात अगर हम हर भारतीय के देशभक्ति के रंग में रंगने की करें तो उमंग उत्साह के माहौल में भारतीय झंडा संहिता 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के नियमों का पालन भी करना है खास करके गाड़ियों में तिरंगा झंडा लगाने के नियम इस प्रकार हैं, कई सारे लोग अपनी गाड़ियों पर भी तिरंगा झंडा लगाकर घूमते दिख जाते हैं, यह बात रेखांकित करने वाली है कि ऐसा करने पर आपको सजा भी हो सकती है।इंडियन फ्लैग कोड के मुताबिक कुछ विशेष लोगों को ही अपनी गाड़ी पर झंडा लगाने की अनुमति होती है,इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्यपाल, एमपी एमलए जैसे जन प्रतिनिधि, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज और विदेश में पोस्टेड हाई कमीशन या उसके समकक्ष के अधिकारियों को ही अपनी गाड़ी पर झंडा लगाने की अनुमति होती है। 

साथियों बात अगर हम माननीय पीएम के दिनांक 8 अगस्त 2022 को राष्ट्रपति के विदाई समारोह में राज्यसभा में रखे विचारों की करें तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने कहा आजादी के अमृत महोत्सव में आज जब देश अपने अगले 25 वर्षों की नई यात्रा शुरू कर रहा है, तब देश का नेतृत्व भी एक तरह से एक नए युग के हाथों में है। हम सब जानते हैं कि इस बार हम एक ऐसा 15 अगस्त मना रहे हैं जब देश के राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति, स्पीकर, प्रधानमंत्री सबके सब वो लोग हैं जो आजाद भारत में पैदा हुए हैं और सबके सब बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। मैं समझता हूं इसका अपना एक सांकेतिक महत्व है। साथ में, देश के नए युग का एक प्रतीक भी है। 

साथियों बात अगर हम हर घर तरंगे और 75 वें स्वतंत्रता दिवस के लिए अनमोल लम्हों की कुछ तैयारियों और अनुमानों की करें तो, पीएम ने जुलाई के अपने मासिक रेडियो शो ‘मन की बात’ में कहा था कि हर देशवासी को इस हर घर तिरंगा योजना से जुड़कर अपने घरों पर तिरंगा लगाना चाहिए, इसके लिए सरकार ने 20 करोड़ घरों का टार्गेट रखा है, इसमें सरकारी ऑफिस व प्राइवेट ऑफिस को भी शामिल किया जाएगा। हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने के लिए हमको इसके ऑफिशियल पोर्टल/ पर विजिट करना होगा, यहां हमको अभियान से जुड़ने के लिए स्टेप्स बताए गए हैं।एक बार हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने के तुरंत बाद आपको मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की तरफ से सर्टिफिकेट इश्यू कर दिया जाएगा, जिसे हम आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। 

साथियों उत्तराखंड सरकार इस अभियान को बेहद बड़े उत्सव के रूप में मनाने जा रही है, हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस बार उत्तराखंड-चीन बॉर्डर पर स्थित भारत के अंतिम गांव माणा में भी घरों की छत पर तिरंगे लहराते हुए दिखाई देंगे। इतना ही नहीं, 12 हजार फीट की ऊंचाई पर बाबा केदार के धाम में भी भारत का झंडा लहराता हुआ दिखाई देगा।राष्ट्रीय ध्वज के डिस्ट्रिब्यूशन के लिए खास इंतजाम किया गया है,इस संदर्भ में संचार मंत्रालय के अनुसार 7, 9 और 14 अगस्त को छुट्टी के दिन पोस्ट ऑफिस कम से कम एक काउंटर के माध्यम से तिरंगे की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था करेंगे। सभी डिलीवरी पोस्ट ऑफिस में राष्ट्रीय ध्वज के डिस्ट्रिब्यूशन की भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। भागीदारी के लिए जिला पंचायती राज, नगर निगम समेत अन्य विभागों की भूमिका तय की गई है। लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा संग शिक्षकों को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि वंदे मातरम, देश अपने अगले 25 वर्षों की नई यात्रा शुरू कर रहा है।विजयी विश्व तिरंगा प्यारा झंडा ऊंचा रहे हमारा।75 वें अमृत जयंती महोत्सव अभियान का जोरदार आगाज़, हर भारतीय देश भक्ति के रंग में रंगा हैं। 

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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