Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

लॉक लगा के रखना-अंकुर सिंह

 लॉक लगा के रखना चलो अब हम चलते है। ख्याल अपना रख लेना। किए मुझसे वादे पूरे कर मेरे यादों …


 लॉक लगा के रखना

लॉक लगा के रखना-अंकुर सिंह
चलो अब हम चलते है।

ख्याल अपना रख लेना।

किए मुझसे वादे पूरे कर

मेरे यादों को बिसरा देना।।

मेरे दिल के प्रेम उमंग तुम,

तुम अपनी राह संवार लेना।

चाह के कभी ना जुड़ सकूं,

ऐसा इंतजाम तुम कर देना।।

प्रेम संग जो तुमसे सपने थे,

अबकी उसे बिखेर कर जाना।

तुम्हारे सपनो में दखल न हो,

सपनो का द्वार बंद कर रखना।

यदि चाहूं तुमसे बातें करना,

अंजान बन मुंह तुम फेर लेना।

जताना चाहूं प्रेम यदि तुमपे,

रोक मुझे, मेरा दिल तोड़ देना।

मुझ बिन अपने खुशियों का,

सुंदर सा जग तुम बसा लेना।

कभी लौट आ ना सकूं वापस,

ऐसा लॉक लगाके तुम रखना।।

*अंकुर सिंह*
हरदासीपुर, चंदवक 
जौनपुर, उ. प्र. -222129.
मोबाइल – 8367782654.
व्हाट्सअप – 8792257267.


Related Posts

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए बहुत वक्त और संसाधन लग जातेकिसी देश के…इस कोरोना नामक महामारी कोपूरी

तोड़ा क्यों जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

तोड़ा क्यों जाए? गुलाब!तुम सलामत रहनाअपनी पत्तियों, टहनियों, जड़ों,परिवेश और वजूद के साथ,तुम्हारी महक और खूबसूरतीका इस्तेमाल नहीं करना है

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता आज मेरे स्वप्न में..पेड़ों ने हड़ताल कीपरिंदों के आज़ादी सेआकाश में उड़ने परलगे प्रतिबंधों

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

ओ शारदे मां ज्ञान ओ शारदे मां ज्ञान की गंगा बहा दे मांमैं हूं अज्ञानी नेह कीकृपा बरसाओ नातू ही

खुशियां दिखावे की- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

खुशियां दिखावे की ना तुम खुश हो ना हम खुश हैं यह खुशियां है दिखावे की यह जमाना है बड़े

बसंत की बहार- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

Leave a Comment