Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

लूट मची है लूट

 लूट मची है लूट जितेन्द्र ‘कबीर’ शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जो छोटे-बड़े ‘कुकुरमुत्ते’ उग आए हैं अवसर पाकर, …


 लूट मची है लूट

जितेन्द्र 'कबीर'
जितेन्द्र ‘कबीर’

शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में

जो छोटे-बड़े ‘कुकुरमुत्ते’

उग आए हैं अवसर पाकर,

लगाते हैं अक्सर नारे वो

जनसेवा के

बदलाव और सुधार के

झंडे उठाकर,

सच तो यह है कि

उनमें से अधिकतर आए हैं

इस क्षेत्र में मोटा मुनाफा देखकर,

जानते हैं वे अच्छी तरह से

कि कर नहीं सकता इंसान

कोई भी समझौता

बच्चों की शिक्षा और

अपने परिवार की सेहत को लेकर,

दुनिया के सामने लाख दिखा लें

खुद को सेवा भावना से प्रेरित

लेकिन वास्तव में अपनी संस्था का

प्रचार-प्रसार कर मुनाफा कमाना

ही है उनकी प्राथमिकता में 

सबसे ऊपर,

अपनी बाहरी चमक-दमक और

छद्म आधुनिकता से लोगों की

आंखें चौंधिया कर,

लूट रहे हैं वो दोनों हाथों से लोगों को

उनकी दुखती रग को दबाकर।

                          जितेन्द्र ‘कबीर’                         

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – 7018558314

जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

विघटन के बीज- जितेन्द्र ‘कबीर

March 25, 2022

विघटन के बीज एक घर के दो सदस्य,एक शाकाहारी पूर्णतःलेकिन दूसरे को मांसाहार भाए,खाने के ऊपर रोज ही उनकीआपस में

प्राथमिकता में नहीं- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्राथमिकता में नहीं जब सरकारें देने लगें सियासी लड़ाईयां जीतने परध्यान ज्यादाऔर ज़िंदगी की लड़ाई हार रहीजनता पर कम,तो समझ

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रेम रहेगा हमेशा हम पहले इंसान नहींजो प्रेम में हैंऔर विश्वास करोकि हम आखिरी भी नहीं होंगे,नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसाऔर

चुप्पी की कीमत- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

चुप्पी की कीमत अगर तुम्हारा कोई पड़ोसीकुछ हथियारों और गुण्डों के बल परधावा बोल देतुम्हारे घर पर कब्जे के लिए,तो

मौत के व्यापारी- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत के व्यापारी नशे के व्यापार सेफायदा उठाने वाले लोगजब तक मौजूद हैं इस दुनिया में,नशामुक्त समाज के आह्वानऔर दावे

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर

Leave a Comment