Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

राष्ट्र की बेटी – डॉ.इन्दु कुमारी

 राष्ट्र की बेटी इन्दु सी जगमग करती ह्रदय को शीतल करती प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की नारी शक्ति  कहलाती नाम की …


 राष्ट्र की बेटी

Rastra ki beti by Dr. indu kumari

इन्दु सी जगमग करती

ह्रदय को शीतल करती

प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की

नारी शक्ति  कहलाती

नाम की झंडा फहरायी

इन्दिरा गाँधी कहलायी

गरिमामयी पद पायी

जनमानस पर छायी

सुझ-बूझ का परिचय

देकर प्रथम प्रधानमंत्री

महिला कहलाती हैं 

देश गरिमा बढ़ायी है

भारत कुंज की क्यारी

फूल थी प्यारी  तू

देश की राजदुलारी।

डॉ.इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

मेरे घर कि चौखट आज भी खुली

April 27, 2022

 मेरे घर कि चौखट आज भी खुली कभी तो तुम्हें भी मेरी याद आती ही होगी कभी तो मेरी याद

देखो हर शब्द में रब

April 27, 2022

 देखो हर शब्द में रब दिल को जीत लेते शब्द दिल को भेद भी देते शब्द दिल को बहलता मिठास

काट दिए मेरी कलम के पर

April 27, 2022

 काट दिए मेरी कलम के पर तमन्ना थी कभी खुद को , मैं खूब संवारूंगीसौलह श्रंगार करके , मैं खुद

मोहब्बत ए परवाना

April 27, 2022

मोहब्बत ए परवाना कहते हैं वो मोहब्बत ए परवाने , इस अंजुमन में रखा क्या हैतेरे हुस्न दीदार के बिना

गम की बदली

April 25, 2022

 ‘गम की बदली’ मैं गमों से भरी सराबोर बदली हूँ बरसना मेरी फ़ितरत है, यूँ तरस खाकर पौंछिए नहीं रहने

कविता -मेरा जीवन सुखी था

April 25, 2022

 कविता -मेरा जीवन सुखी था  मेरा जीवन सुखी था  जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे  मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता

PreviousNext

Leave a Comment