Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

राष्ट्र की बेटी – डॉ.इन्दु कुमारी

 राष्ट्र की बेटी इन्दु सी जगमग करती ह्रदय को शीतल करती प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की नारी शक्ति  कहलाती नाम की …


 राष्ट्र की बेटी

Rastra ki beti by Dr. indu kumari

इन्दु सी जगमग करती

ह्रदय को शीतल करती

प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की

नारी शक्ति  कहलाती

नाम की झंडा फहरायी

इन्दिरा गाँधी कहलायी

गरिमामयी पद पायी

जनमानस पर छायी

सुझ-बूझ का परिचय

देकर प्रथम प्रधानमंत्री

महिला कहलाती हैं 

देश गरिमा बढ़ायी है

भारत कुंज की क्यारी

फूल थी प्यारी  तू

देश की राजदुलारी।

डॉ.इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

Kavita kaisa dharm tumhara by kamal siwani

July 3, 2021

 कैसा धर्म तुम्हारा ? कहाँ से तूने अपनाए , जीवन का अजब पहाड़ा ? एक दूजे में भेद तू करते,

Kavita kyu aapas me ladna by kamal siwani

July 3, 2021

 क्यूँ आपस में लड़ना ? जाति -धर्म के नाम पर नित दिन, क्योंकर रार मचाते ? हर मानव एक ही

banega apna Desh mahan by Jitendra kabir

July 3, 2021

 बनेगा अपना देश महान कल तक थे जो चोर–बेईमान, वो बन गये हैं रातों–रात ही बड़े शरीफ इंसान, अवसरवादियों को

Yadon ka tarana by kalpana kumari

July 3, 2021

यादों का तराना *** इस कदर सजाया है तेरी यादों को, कि मेरा आशियाना बन चुका है, इन्हीं आशियाने में,

Kaise puja? By kamal siwani bihar

July 3, 2021

 कैसी पूजा ? दया – प्रेम ना उर अंतर में , और पूजा पत्थर की । हे मानव यह कैसी

Parwah kaun karen by kalpana kumari

July 3, 2021

व्यंग्य-कवितापरवाह कौन करे जो स्वत: मिल रहा जीवन में, उसकी परवाह कौन करे। आती सांसे जाती सांसे, सांसो पर जो

Leave a Comment