Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष स्वास्थ्य ही धन है कुपोषण को हराने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह …


राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष

स्वास्थ्य ही धन है

कुपोषण को हराने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह में जनभागीदारी महत्वपूर्ण

पोषण युक्त आहार वर्तमान ही नहीं भावी पीढ़ियों के अस्तित्व, स्वास्थ्य और विकास का मुद्दा है – एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग निवास करता है, सटीक आंकलन – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पोषण युक्त आहार को अधिक बल वैश्विक महामारी कोविड ने दिया है क्योंकि, इस महामारी नें हीं हमें पोषण के बल पर इम्यूनिटी स्ट्रांग करने के तरीके सिखाए। हालांकि दशकों से हम अंतर्राष्ट्रीय पोषण दिवस,राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाते आ रहे हैं, जिसका फोकस हम कुपोषित बच्चों को ध्यान में रखते हुए करते आ रहे हैं। लेकिन अभी हमने सीखे हैं कि पोषण युक्त आहार वर्तमान ही नहीं हमारी भावी पीढ़ियों के अस्तित्व,स्वास्थ्य और विकास का भी मुद्दा है, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग निवास करता है और भारत को तो दुनिया में बौद्धिक क्षमताओं का बेताज बादशाह माना जाता है और भारत के हर उपचारात्मक कदम को दुनिया हसरत भरी निगाहों से देखती है कि भारत अब और कौन सा नया इतिहास रचने जा रहा है इसीलिए कुपोषण को जीरो टॉलरेंस तक पहुंचाने के लिए अब जनभागीदारी के साथ 1 से 7 सितंबर 2022 तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है,इसलिए आजहम इस आर्टिकल केमाध्यम से इस विषय पर चर्चा करेंगे।साथियों बात अगर हम अपने पोषण के बल पर स्वास्थ्य की करें तो हम सदियों से सुनते आ रहे हैं कि स्वास्थ्य ही धन है।हमारेजीवन की असली संपत्ति हमारा स्वास्थ्य है।हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए क्योंकि एक अच्छा स्वास्थ्य तनाव को कम करता है और स्वस्थ रहने के लिए पोषण एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हमें पोषण युक्त भोजन, ताजे फल, सलाद, हरी सब्जियां, दूध दही, अंडे आदि युक्त संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधियां, पर्याप्त आराम, स्वास्थ्य वातावरण, ताजी हवा और पानी, व्यक्तिगत स्वच्छता इत्यादि को महत्व देना होगा क्योंकि यह अब बच्चों तक ही सीमित नहीं बड़े बुजुर्गों युवाओं पर भी पोषण पावरफुल इम्यूयूनिटी का ध्यान देना होगा।
साथियों बात अगर हम बच्चों के कुपोषण की करें तो पोषणयुक्त आहार न मिल पाने के कारण न केवल कम उम्र के बच्चों में मधुमेह एवं हृदय रोग जैसी बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं बल्कि उनमें रोगों से प्रतिरक्षा करने की क्षमता का भी ह्रास होता है। परिणामतः कुपोषित बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास अवरुद्ध हो जाता है, जिसका प्रभाव इनके साथ-साथ देश के भविष्य पर भी पड़ताहैपरिणामत: कुपोषित बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास अवरुद्ध हो जाता है, जिसका प्रभाव इनके साथ-साथ देश के भविष्य पर भी पड़ता है। लोगों को इस बारे में शिक्षित करने के लिए, भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय एक सप्ताह तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का आयोजन करता है। यह मानव शरीर में उचित पोषण के महत्व और कार्य पर ज़ोर देता है। उचित कामकाज और विकास के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार महत्वपूर्ण है। भारत सरकार ने पोषण, सभ्य भोजन, स्वस्थ शरीर, मन और जीवन शैली पर केंद्रित पहल शुरू की है।
साथियों बात अगर हम राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने की करें तो, यह हर साल 1 से 7 सितंबर तक जनता को उनकी भलाई और समृद्धि के महत्वपूर्ण संकेतों के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2022 के दौरान, दुनिया भर के व्यक्तियों को अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, लोग अपनी पोषण संबंधी आदतों और अपनी अनुकूलित खाने की आदतों के बारे में जान सकते हैं, जिससे वे अच्छे पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं।
साथियों बात अगर हम पोषण के महत्व की करें तो,पोषण भोजन के सेवन और उपयोग का विज्ञान या अभ्यास है। खाद्य पदार्थ हमारे शरीर को जीने, बढ़ने और ठीक से काम करने के लिए ऊर्जा, प्रोटीन, आवश्यक वसा, विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं। इसलिए संतुलित आहार स्वास्थ्य और सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। एक अस्वास्थ्यकर आहार के बारे में कहा जाता है कि इससे भोजन से संबंधित कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।अच्छा पोषण आवश्यक है क्योंकि (1) खराब पोषण से स्वास्थ्य में कमीआएगी।(2) स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है।(3)ऊर्जा प्रदान करें। (4)बढ़ती उम्र के असर को कम करता है।(5)प्रतिरक्षाप्रणाली को बनाए रखता है।(6)स्वस्थ आहार का भी आपके मूड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।(7)एक स्वस्थ आहार जीवन को लम्बा खींचता है।(8) पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करता है।(9)स्वस्थ आहार से भी एकाग्रता बढ़ती है।
साथियों बात अगर हम राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के उद्देश्यों की करें तो, समुदायों में पोषण की समस्याओं की जाँच करना।
व्यापक शोध के माध्यम से पोषण संबंधी समस्याओं को रोकने और उनका मुकाबला करने के लिए उपयुक्त तकनीकों का मूल्यांकन करें। राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रमों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के लिए परिचालन अनुसंधान का संचालन करना।देश के पोषण और पोषण की स्थिति की निगरानी करना।अभिविन्यास प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य और पोषण के बारे में शिक्षित करना इत्यादि अनेक उद्देश्य शामिल हैं।
साथियों बात अगर हम माननीय पीएम द्वारा दिनांक 28 अगस्त 2022 को मन की बात की 92 वीं कड़ी में कुपोषण पर अपने विचारों की करे तो पीआईबी के अनुसार उन्होंने कहा, कुपोषण से जुड़े इतने सारे अभिनव प्रयोगों के बारे में, मैं आपको इसीलिये बता रहा हूँ, क्योंकि हम सब को भी, आने वाले महीने में, इस अभियान से जुड़ना है। सितम्बर का महीना त्योहारों के साथ-साथ पोषण से जुड़े बड़े अभियान को भीसमर्पित है।हम हर साल 1 से 30 सितम्बर के बीच पोषण माह मनाते हैं। कुपोषण के खिलाफ पूरे देश में अनेक क्रिएटिव और डाइवर्स एफर्ट्स किए जारहे हैं।प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्तेमाल और जन भागीदारी भी, पोषण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना है। देश में लाखों आंगनबाड़ीकार्यकर्ताओं को मोबाइल डिवाइस देने से लेकर आंगनबाड़ी सेवाओं की पहुँच को मॉनिटर करने के लिए पोशन ट्रैकर्स भी लॉन्च किया गया है।सभी अस्पिरशनल्सडिस्ट्रिक्ट्स और नॉर्थ ईस्ट्स के राज्यों में 14 से 18 साल की बेटियों को भी, पोषण अभियान के दायरे में लाया गया है। कुपोषण की समस्या का निराकरण इन कदमों तक ही सीमित नहीं है – इस लड़ाई में, दूसरी कई और पहल की भी अहम भूमिका है। उदाहरण के तौर पर, जल जीवन मिशन को ही लें, तो भारत को कुपोषणमुक्त कराने में इस मिशन का भी बहुत बड़ा असर होने वाला है।कुपोषण की चुनौतियों से निपटने में सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रयास, महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं आप सभी से आग्रह करूँगा, कि आप, आने वाले पोषण माह में, कुपोषण या मलन्यूट्रिशंस को, दूर करने के प्रयासों में, हिस्सा जरुर लें।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष है। स्वास्थ्य ही धन है। कुपोषण को जीरो टॉलरेंस तक पहुंचाने, हराने के लिए राष्ट्रीय पोषण सप्ताह में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। पोषण युक्त आहार वर्तमान ही नहीं भावी पीढ़ियों के अस्तित्व स्वास्थ्य और विकास का मुद्दा है। एक स्वास्थ्य शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग निवास करता है सही सटीक आंकलन है।

About author

Kishan sanmukhdas bhavnani
-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

Lekh man ki hariyali by sudhir Srivastava

July 31, 2021

 लेखमन की हरियाली, लाए खुशहाली     बहुत खूबसूरत विचार है ।हमारे का मन की हरियाली अर्थात प्रसन्नता, संतोष और

Lekh by kishan sanmukh das bhavnani

July 31, 2021

 सत्य वह दौलत है जिसे पहले खर्च करो, जिंदगी भर आनंद पाओ- झूठ वह कर्ज़ है, क्षणिक सुख पाओ जिंदगी

janmdin jeevanyatra by Maynuddin Kohri

July 25, 2021

जन्मदिन —- जीवनयात्रा  आजादी के बाद के काले बादल छट जाने के बाद देश मे अमन चैन,गणतन्त्र भारत की सुखद

Guru govind dono khade kako lagu paye by jayshri birmi

July 23, 2021

गुरु गोविंद दोनो खड़े काको लागू पाए अपने देश में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा कहा गया है।

Naari gulami ka ek prateek ghunghat pratha by arvind kalma

July 23, 2021

नारी गुलामी का एक प्रतीक घूंघट प्रथा भारत में मुगलों के जमाने से घूँघट प्रथा का प्रदर्शन ज्यादा बढ़ा क्योंकि

OTT OVER THE TOP Entertainment ka naya platform

July 23, 2021

 ओटीटी (ओवर-द-टॉप):- एंटरटेनमेंट का नया प्लेटफॉर्म ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मीडिया सेवा ऑनलाइन सामग्री प्रदाता है जो स्ट्रीमिंग मीडिया को एक स्टैंडअलोन

Leave a Comment