Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Jayshree_birmi

राधा( Radha)

राधा कृष्ण के प्यार में बचपन से रची बसी थी राधा।खेलते खेलते अपना सर्वस्व मान चुकी थी राधा।उसकी मुरली की …


राधा

राधा( Radha)
कृष्ण के प्यार में बचपन से रची बसी थी राधा।खेलते खेलते अपना सर्वस्व मान चुकी थी राधा।उसकी मुरली की धुन के पीछे नाचती जुमती थी राधा। राधा का भी स्थान किशन के अंतरमन में था।दोनों का दिव्य प्रेम था जो किसी भी प्रेम कहानी से उत्कृष्ट हैं, हम आज भी जब राधा किशन के प्रेम के गीत( भजन) गातें हैं तो सदृश् उन्हे देख पाते हैं,अनुभव कर पाते हैं।त्याग ही इस प्रेम की नीव हैं जो कर्तव्य के सामने समर्पित हो प्रीतम से बिछड़ ने के लिए तैयार हो गया था।कृष्ण से बिछड़ कर राधा आधी रह गईं फिर भी मथुरा जाने से रोक नहीं पाईं।मधुबन,ग्वाल,गोपियां, गायेँ,और नंद यशोदा सभी तो विरह में बेहाल थे किंतु ये प्रेम की जीत ही थी जो बिछड़ के भी कभी बिछड़ नहीं पाएं।नहीं राधारानी ने विरह के गीत गा कर कृष्ण के मनोबल को तोड़ा और ना ही कर्तव्य से मुख मोड़ने के लिए विवश किया,सच्चे प्रेम की पराकाष्ठा भी तो यही होती हैं।कृष्ण भी जानते थे उनके विरह में पूरा गोकुल व्याकुल हो जायेगा फिर भी अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक कृष्ण सब कुछ जानते हुए भी ,शायद दिल पर पत्थर रख मथुरा गए और जो मुरली राधा के लिए बजाया करते थे उसे अपने से अलग कर लिया।युगपुरुष ने जिस कार्य के लिए जन्म लिया था उसे पूर्ण करने सोलहकलासम्पूर्ण भगवान विष्णु के अवतार ने त्याग दिया था अपना बचपन और बचपन का प्यार।यही तो हैं सम्पूर्ण प्यार की इन्तहा।यहां न ही कोई विरह के गीत गाएं, न ही कोई मरने निकला, न ही किसी ने मिलने के लिए बगावत की।कोई कैसे समझे कि प्यार किसे कहते हैं।

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

कुदरत और हम – जयश्री बिरमी

November 7, 2021

 कुदरत और हम  दुनियां में विकास और पर्यावरण में संतुलन अति आवश्यक हैं।किंतु विकास के लिए पर्यावरण के महत्व  को

khyaati by Jayshree birmi

November 7, 2021

 ख्याति देश भक्ति या राष्ट्र के विरुद्ध बयान बाजी या प्रवृत्ति करके मिलती हैं ख्याति! आए दिन कोई बड़ा आदमी

Aaj ke dhritrastra by Jayshree birmi

November 7, 2021

 आज के धृतराष्ट्र  हमारे देश ने बहुत ही उन्नति की हैं,दिन ब दिन दुनियां की रेटिंग मेगाजिंस में हमारे करोड़पतियों

Vikas aur paryavaran me santulan by Jay shree virami

November 7, 2021

विकास और पर्यावरण में सन्तुलन दुनियां में विकास और पर्यावरण में संतुलन अति आवश्यक हैं।किंतु विकास के लिए पर्यावरण के

एलर्जिक क्यों?

October 23, 2021

 एलर्जिक क्यों कई प्राकृतिक और कई अप्राकृतिक परिबलों का शरीर द्वारा प्रतिकार होने की प्रक्रिया हैं।ये प्रक्रिया सभी मानव शरीर

सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से

October 23, 2021

 सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से – पुष्ट जानकारी प्रभावी संचार, सुशासन और पारदर्शिता की कुंजी है  मीडिया

PreviousNext

Leave a Comment