Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, satya_prakash

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज-सत्य प्रकाश सिंह

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज वर्तमान लोकतंत्र को आधुनिक काल में शासन के सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में देखा जा रहा …


राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज-सत्य प्रकाश सिंह

वर्तमान लोकतंत्र को आधुनिक काल में शासन के सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में देखा जा रहा है किंतु लोकतंत्रिय विचारों का इतिहास इतना ही पुराना है जितना कि राजनीतिक विवादों का इतिहास। इसी लोकतंत्रिय प्रणाली में एक विशिष्ट वर्ग को राजनिती के रंगमंच पर देखा जा रहा है जिसे पावर डिलीट क्लास कहा जाता है। यही पावर इलीट वर्ग जिसे अभिजन वादी वर्ग भी कहा जाता है लोमड़ी स्वभाव वाले अवसरवादी होते हैं कि कब हम शासक वर्ग को उखाड़ कर सत्तासीन हो जाए। सरकार और अभिजन वर्ग के मध्य आंतरिक द्वंद चलता रहता है जिसे हम अभिजन वर्ग का उत्थान और पतन का सकते हैं क्योंकि अभिजन वर्ग का राजनीतिक इतिहास कुलीन वर्गों का कब्रिस्तान होता है।बहुत-बहुत धन्यवाद आपका पेसकर साहब। आपने मेरी फाइल को दाखिल दफ्तर करवा दिया। लोकतंत्र के राजनीतिक इतिहास में इसी को अभिजन वर्ग के संचरण का सिद्धांत भी कहते हैं। यही अभिजन वर्ग पूरी शासन सत्ता को अपनी उंगलियों पर नचाते हैं एक नेता उद्यमी की तरह भी होता है जिस तरह से एक उद्यमी आकर्षक विज्ञापनों के जरिए अपने अपने सामानों को भेजता है उसी तरह एक नेता अपनी आकर्षक नीतियों के विज्ञापन द्वारा जन समर्थन हासिल करने की कोशिश करता है कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि अभिजन वर्ग जिसे हम विशिष्ट वर्ग कहते हैं जनता को मूर्ख बनाकर उस पर शासन करने में सफल हो जाता है। इसकी आलोचना करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व दिवंगत राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लिखा है कि “आप संपूर्ण जनता को कुछ देर के लिए मूर्ख बना सकते हैं कुछ जनता को हमेशा के लिए मूर्ख बना सकते हैं लेकिन संपूर्ण जनता को सदैव के लिए मूर्ख नहीं बना सकते।”वैसे तो लोकतंत्र के अभिजन वर्ग ने जनमानस को माननीय आकांक्षा से नीचे गिरा कर बाजार की कृपा पर छोड़ दिया है। इस अभिजन वर्ग के अलावा राजनैतिक रंगमंच के खिलाड़ियों के क्रम में बहुल वादियों का भी विशिष्ट स्थान है जिसे ग्रुप थिअरी कहा जाता है। लोकतंत्र के राजनीतिक इतिहास में बहुलवादी राजनीति के असली खिलाड़ी होते हैं अभिजन वर्ग को इस खेल का रेफरी मात्र कहा जाता है यह समूह शासन सत्ता पर दबाव डालकर अभिजन वर्ग से अपने हित में नीतियों का निर्माण करा लेता है। वैसे तो राजनैतिक रंगमंच का असली रंगबाज कौन है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्रिक देश के लिए सहभागिता मूलक लोकतंत्र का होना अति आवश्यक है क्योंकि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सत्ता में भागीदारी मिलनी चाहिए इसी विकेंद्रीकरण को हम सहभागिता मूलक लोकतंत्र कहते हैं जिसकी भारत में नितांत आवश्यकता है।

स्वतंत्र स्तंभकार
सत्य प्रकाश सिंह
केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज प्रयागराज उत्तर प्रदेश


Related Posts

नया अवतार लेता खालिस्तान का विचार।

April 19, 2023

नया अवतार लेता खालिस्तान का विचार। हाल के दिनों में पंजाब में खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन के विचार का प्रचार कर

पसंद-नापसंद लोगों की लिस्ट हमें बनाती है पक्षपाती

April 19, 2023

पसंद-नापसंद लोगों की लिस्ट हमें बनाती है पक्षपाती कहा जाता है कि ‘फर्स्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन‘। पर शायद

जीवन में किसका कितना महत्व…..?

April 19, 2023

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात… जीवन में किसका कितना महत्व…..? इस धरा पर असंख्य जीव-जंतु रहते हैं। उनमें से

हाय क्या चीज है जवानी भी

April 19, 2023

हाय क्या चीज है जवानी भी एक गजल है: रात भी नींद भी कहानी भी…यह गजल है रघुपति सहाय, जो

सुपरहिट:सिक्सरबाज सलीम दुरानी का फिल्मी ‘चारित्र्य’

April 19, 2023

सुपरहिट:सिक्सरबाज सलीम दुरानी का फिल्मी ‘चारित्र्य’ बीते रविवार यानी 2 अप्रैल को जिनकी मौत हुई, वह भारतीय क्रिकेट के आलराउंडर

वैश्विक स्तरपर भारतीय भाषाई मिठास से भारतीय साहित्य की प्रतिष्ठा बढ़ी

April 19, 2023

वैश्विक स्तरपर भारतीय भाषाई मिठास से भारतीय साहित्य की प्रतिष्ठा बढ़ी हर भारतीय भाषा का गौरवशाली इतिहास समृद्धि, साहित्य, भाषाई

PreviousNext

Leave a Comment