Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Tamanna_Matlani

रक्षाबंधन विशेष

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब …


 नन्हीं कड़ी में….
 आज की बात

 रक्षाबंधन

रक्षाबंधन है एक,
अटूट निराला बंधन।
रेशम की पवित्र डोर से,
बना यह रक्षा का बंधन।।

सब बंधनों से न्यारा,
है यह इतना प्यारा।
इस बंधन से झर-झर करती,
प्रेम की निर्मल धारा।।

रिश्तों की मर्यादा,
यही बंधन है समझाता।
जुड़ा रहे इससे ही,
भाई-बहन का नाता।।

भाई-बहन के बीच,
कभी विरह न आ पाए।
हर भाई इस बंधन के लिए
मृत्यु से भी टकरा जाए।।

इतिहास भी है गवाह,
रक्षाबंधन के महत्व का।
राजा हो या रंक सभी ने,
मान बढ़ाया इस बंधन का।।

भाई हो जाते गर्वित,
जब राखी कलाई पर बंधे।
बहनें भी दिखतीं हर्षित,
जब प्रेम और विश्वास छलके।।

एक दूजे के सम्मान के लिए,
हर पल रहते तैयार।
बाँधकर इस रक्षा-कवच को
निभाते दिलों का प्यार।।

About author 

Tamanna matlani

तमन्ना मतलानी
गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

मौत का मुल्यांकन | maut ka mulyankan

March 22, 2023

 भावनानी के भाव मौत का मुल्यांकन मैंने भी सोचा हम तो यूं ही जिंदगी  जिए जा रहे हैं बेकार  मौत

चार बातें तो सुनना ही पड़ेगा

March 22, 2023

भावनानी के भाव चार बातें तो सुनना ही पड़ेगा अगर घर के हेड हो, जवाबदार हो।चार बातें तो सुनना ही

हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है

March 19, 2023

 भावनानी के भाव हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है प्राचीन संस्कृति का युवाओं में प्रसार

कविता:क्यों करे अपेक्षा?| kyon kare apeksha

March 15, 2023

क्यों करे अपेक्षा? एक धनी धन देगा, आत्मविश्वासी प्रण लेगा, जिसके पास जो भरपूर हैउनके पास वो उस शण मिलेगा।

थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां

March 13, 2023

भावनानी के भाव थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां घर की जान होती है बेटियांपिता की आन बान शान

कविता: शब्द | kavita: shabd

March 13, 2023

कविता: शब्द मन के अनगिनत विचारों को,सबके सन्मुख दे खोल।कहलाते है शब्द वही,या कहते इन्हें हम बोल।शब्द होते दर्पण व्यक्तित्व

PreviousNext

Leave a Comment