Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

रक्तदान अमृत महोत्सव 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2022

 रक्तदान अमृत महोत्सव 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2022  आओ रक्तदान अमृत महोत्सव मेगा अभियान में भागीदारी से रक्तदान कर …


 रक्तदान अमृत महोत्सव 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2022 

रक्तदान अमृत महोत्सव 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2022
आओ रक्तदान अमृत महोत्सव मेगा अभियान में भागीदारी से रक्तदान कर जीवनदान का संकल्प लें 

रक्तदान जीवनदान है – स्वैच्छिक रक्तदान के लिए मेगा अभियान शुरू करना सराहनीय कार्य – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – भारत में प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानवता के लिए रक्तदान कर जीवन में रक्त के लिए संघर्ष करने वाली जिंदगियों को बचाना होता है। बड़े बुजुर्गों की कहावत है दर्द उसे होता है जिसे ठोकर लगती है, भावार्थ यह कि किसी भी वस्तु का सटीक मूल्य वह जान सकता है जो इसके लिए तड़पा हो। यहां बात हम रक्त की करें तो अस्पतालों, ब्लड बैंक में हमने कई बार मरीजों के परिजनों को रक्त के लिए भटकते देखा है। इसके अभाव में कई मरीजों की मृत्यु की खबरें भी हम मीडिया के माध्यम से सुनते हैं। चूंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिनांक 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2022 स्वैच्छिक रक्तदान दिवस तक रक्तदान अमृत महोत्सव के रूप में स्वैच्छिक रक्तदान के लिए मेगा अभियान शुरू कर डेढ़ लाख  यूनिट कलेक्शन करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें एक लाख यूनिट के आसपास 17 सितंबर को ही पूर्ण करने की जिज्ञासा है। संयोग से उस दिन हमारे माननीय पीएम का जन्मदिन भी है इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उपलब्ध जानकारी के आधार पर आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से रक्तदान पर चर्चा करेंगे। 
साथियों बात अगर हम रक्तदान अमृत महोत्सव मेंगा अभियान की करें तो, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की ओर से भेजे गए पत्रमें उल्लेख किया गया है कि इस अभियान का नारा होगा -रक्तदान एकजुटता का कार्य है, प्रयास में शामिल हों और जीवन बचाएं।सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्थानीय/क्षेत्रीय भाषाओं में अभियान आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया है,17 सितंबर, 2022 को एक व्यापक रक्तदान शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस गतिविधि का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदाताओं से एक दिन में करीब एक लाख यूनिट रक्त एकत्र करना है। इसमें भारत सरकार के सभी मंत्रालयों व विभागों, राज्य व केंद्र सरकारों, देश के नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं, विभिन्न गैर सरकारी और समुदाय आधारित संगठनों और अन्य हितधारकों को शामिल करने की योजना है।17 सितंबर को व्यापक रक्तदान शिविर के बाद, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 अक्टूबर, 2022 यानी राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस तक रक्तदान अभियान जारी रहेगा। 
साथियों बात अगर हम रक्ततदान अमृत महोत्सव में एक डेटाबेस बनाने की करें तो, अभियान के तहत लोग भारी संख्या में ब्लड डोनेट करेंगे, इसका पूरा डेटा संभाल कर रखा जाएगा, आरोग्य सेतु ऐप पर रक्तदान के लिए पंजीकृत लोगों का डेटा ई ब्लड बैंक वेब पोर्टल के माध्यम से अभियान चलाने वाले ब्लड बैंकों और संगठनों के लिए सुलभ बनाया जाएगा, एक डेटाबेस बनाने की भी हो रही है तैयारी हो रही है। जानकारी के मुताबिक भारत के पास ब्लड यूनिट को स्टोर करने की पर्याप्त क्षमता है। उम्मीद है कि भारत विश्व रिकॉर्ड बना सकता है, लेकिन यह लोगों द्वारा रक्तदान पर निर्भर करता है। मीडिया जानकारी में आया है कि, हम रक्तदाताओं को प्रेरित करने और एक डेटाबेस बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे बार-बार दानकर सकें अनुमानतः इस अभियान के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य है कि समाज में एकजुट होकर लोग एकजुट इस नेक काम में अपनी भागीदारी दें। 
साथियों बात अगर हम ब्लड बैंक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की करें तो, ब्लड डोनेशन के इच्छुक लोग ब्लड बैंक पोर्टल पर रजिस्टर करा सकते हैं। आरोग्य सेतु ऐप पर भी इसके लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय पहले दिन ही 80 हजार यूनिट से ज्यादा ब्लड इकट्ठा करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करेगा। हमने पिछले साल भी माननीय पीएम के जन्मदिन पर एक ही दिन में 2.5 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया था। 
साथियों बात अगर हम रक्तदान के महत्व और वक्त के अलग अलग प्रकारों की करे तो, रक्तदान जीनवदान है। हमारे द्वारा किए गए रक्तदान कई जिंदगियां बचा सकती है। डॅाक्टरों का मानना है कि एक बार रक्तदान करने से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पीएम के जन्मदिन के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान के लिए एक मेगा अभियान शुरू किया हैं। रक्त के अलग-अलग प्रकार – लाल रक्त कोशिकाओं पर एक और एंटीजन मौजूद होता है और इसे आरएच कारक के रूप में जाना जाता है। अगर हमारे खून में आरएच मौजूद है तो इसे प्लस कहा जाता है और यदि आरएच नहीं है तो इसे माइनस कहा जाता है। तो, आठ अलग-अलग प्रकार के खून होते हैं, जो ए प्लस, ए माइनस, बी प्लस, बी माइनस, एबी प्लस, एबी माइनस, ओ प्लस और ओ माइनस हैं। 
साथियों बात अगर हम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा 14 सितंबर 2022 को किए गए ट्वीट की करें तो, मानवता के लिए रक्तदान। 17 सितंबर से रक्तदान अमृत महोत्सव शुरू होने जा रहा है। आज ही आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण करके दान करें या ऑफिशियल साइट पर जाकर रक्तदान के लिए अपना पंजीकरण करें। आइए इस अभियान में अपनी भागीदारी से रक्तदान कर जीवनदान करने का संकल्प लें। रक्तदान जीनवदान है। हमारे द्वारा किए गए रक्तदान कई जिंदगियां बचा सकती है। डॅाक्टरों का मानना है कि एक बार रक्तदान करने से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए स्वैच्छिक रक्तदान के लिए एक मेगा अभियान शुरू किया गया है। 
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि रक्तदान अमृत महोत्सव 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2022 तक स्वैच्छिक  रक्तदान के लिए मेगा अभियान शुरू करना सराहनीय कार्य है। आओ रक्तदान अमृत महोत्सव मेगा अभियान में भागीदारी से रक्तदान कर जीवनदान का संकल्प लें। 

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

Manipur news today :महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई

July 22, 2023

मणिपुर मामले का आकार – मानसून सत्र लाचार – हंगामे का वार पलटवार महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीति गरमाई –

Manipur news:महिलाओं के साथ दरिंदगी

July 21, 2023

Manipur news:महिलाओं के साथ दरिंदगी  140 करोड़ देशवासियों के लिए शर्मिंदगी  संवैधानिक लोकतंत्र में महिलाओं के साथ शर्मसार दरिंदगी अस्वीकार

पीड़ा जाते हुए उपहार दे जाएगी अगर…

July 20, 2023

पीड़ा जाते हुए उपहार दे जाएगी अगर… तड़पते– तड़पते इंसान सब्र करना सीख जाता है और यह तब होता है

इसांनियत पर कविता| insaniyat par kavita

July 20, 2023

भावनानी के भाव इसांनियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना है इसांनियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना हैबस यह

State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act 2005 Vs INDIA

July 20, 2023

भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग व निषेध) अधिनियम 2005 बनाम आई.एन.डी.आई.ए, टैग लाइन जीतेगा भारत 2024 सियासी की लड़ाई

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर करेक्टर सर्टिफिकेट जल्दी लग जाता है

July 19, 2023

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर करेक्टर सर्टिफिकेट जल्दी लग जाता है समाज कहता है कि पुरुष यानी तांबे का लोटा।

PreviousNext

Leave a Comment