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kishan bhavnani, poem

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे आजादी के अमृत …


ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे
आजादी के अमृत काल तक भारतीय शिक्षा
नीति सारी दुनिया को दिशा देने वाले दिन होंगे
ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

अमृत काल में हिंदुस्तान की शिक्षा नीति की
विश्व प्रशंसा करे, यहां ज्ञान लेने आएं,
ऐसा हमारा गौरव हों,विश्व कल्याण की
भूमिका निर्वहन करने में भारत समर्थ होंगे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को शिक्षकों प्रशासकों
ने गंभीरता से अमल में लाना है
शिक्षा क्षेत्र में भारत को
विश्वगुरु बनाना है

भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं
बस गंभीरता से उसे पहचानना है
शिक्षण को स्वांदात्मक बहुआयामी
आनंदमयी अनुभव बनाना है

छात्रों में मूल्यों को विकसित करने शिक्षकों
की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित करनाहै छात्रों के
आचरण को सुधारने विपरीत परिस्थितियों
का सामना करने आत्मविश्वास जगाना है

भारत को मजबूत स्थिर शांतिपूर्ण देश
के रूप में विकसित करना है
शिक्षा क्षेत्र में भारत को
विश्वगुरु बनाना है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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